“संगठन की जीत”: मुख्यमंत्री साय का बड़ा बयान
नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मीडिया से चर्चा करते हुए इसे जमीनी कार्यकर्ताओं की जीत बताया। उन्होंने कहा कि लक्ष्मी वर्मा ने लंबे समय तक संगठन के लिए निस्वार्थ भाव से काम किया है और उनका चयन भाजपा के ‘कार्यकर्ता प्रथम’ के सिद्धांत को दर्शाता है। नामांकन के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव और वरिष्ठ नेता धरम लाल कौशिक भी उपस्थित थे।
लक्ष्मी वर्मा ने अपना पर्चा दाखिल करने से पहले बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया। वे वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य हैं और उनकी छवि एक सुलझे हुए संगठनात्मक नेता की रही है। 90 सदस्यीय छत्तीसगढ़ विधानसभा में भाजपा के पास 54 विधायकों का स्पष्ट बहुमत है, जिससे लक्ष्मी वर्मा की जीत तय मानी जा रही है।
नामांकन में शामिल हुए ये प्रमुख चेहरे
कार्यक्रम के दौरान सत्ता और संगठन का अनूठा संगम देखने को मिला। शामिल होने वाले प्रमुख नेताओं में शामिल हैं:
- विष्णु देव साय (मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़)
- किरण सिंह देव (प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा)
- धरम लाल कौशिक (पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं वरिष्ठ विधायक)
- राज्य मंत्रिमंडल के कई सदस्य और प्रमुख सांसद।
चुनावी समीकरण और अगला कदम
छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की दो सीटें खाली हो रही हैं, जिनका कार्यकाल अप्रैल 2026 में समाप्त हो रहा है। भाजपा ने जहां लक्ष्मी वर्मा को मैदान में उतारा है, वहीं कांग्रेस ने अपनी मौजूदा सांसद फूलो देवी नेताम को दोबारा प्रत्याशी बनाया है। विधानसभा के संख्या बल के हिसाब से दोनों ही दलों को एक-एक सीट मिलना निश्चित है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, नामांकन पत्रों की जांच 6 मार्च को होगी, जबकि नाम वापसी की अंतिम तिथि 9 मार्च है। यदि स्थिति यथावत रहती है, तो 16 मार्च को मतदान की औपचारिकता पूरी की जाएगी।
“आज श्रीमती लक्ष्मी वर्मा जी ने मंत्रीगण, सांसदगण और विधायकों की गरिमामयी उपस्थिति में नामांकन दाखिल किया है। यह छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति और हमारे समर्पित कार्यकर्ताओं का सम्मान है।”
— विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़

