साउथ ईस्टर्न कोयला मजदूर कॉंग्रेस (इंटक) एसईसीएल कुसमुण्डा क्षेत्र के अध्यक्ष बी.एल. महंत (राजवीर) ने क्षेत्रीय महाप्रबंधक, एसईसीएल कुसमुण्डा क्षेत्र को पत्र लिख कर ध्यानाकृष्ट कराते हुये मांग किया है कि एसईसीएल कुसमुण्डा परियोजना जो विश्व की चौथीं सबसे बड़ी कोयला खदान है, जिसने बीते वर्ष 2025-26 में इतनी विषम परिस्थितियों में भी कुसमुण्डा के कर्मचारियों के कर्मठता से 32.70 मिलियन टन कोयला उत्पादन प्राप्त किया है, एसईसीएल प्रबंधन द्वारा श्रम संघ के संज्ञान में कई बार लाया है कि एसईसीएल कुसमुण्डा परियोजना में वर्तमान समय में एचईएमएम ऑपरेटर श्रमशक्ति की कमी है, जिसके कारण मशीने खड़ी रहती हैं, खदान में मशीनों की उपलब्धता तो है, परंतु उन मशीनों का उपयोग नही हो पा रहा है, जो चिंतनीय विषय है।
पत्र में आगे लेख है कि कुसमुण्डा परियोजना जितने मिलियन टन का मेगा परियोजना है, उस हिसाब से यहाँ सुविधाओं की कमी है, बावजूद इसके कुसमुण्डा के कर्मचारी पूरी ईमानदारी और निष्ठा से अपनी डियूटी एवं कम्पनी की सेवा कर रहे हैं।
श्रमिक नेता महंत ने पत्र में आगे लिखा है कि हाल ही में एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर द्वारा प्रशासनिक स्थानांतरण आदेश जारी किया गया है, जिसमे कुसमुण्डा परियोजना के 34 डम्पर ऑपरेटर एवं 07 ड्रिल ऑपरेटर कुल 41 ऑपरेटरों का स्थानान्तरण गेवरा क्षेत्र किया गया है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है, कुसमुण्डा में ऑपरेटरों की कमी के कारण एचईएमएम मशीने ख़डी हो जा रही हैं, और यहाँ से ऑपरेटरों को अन्य क्षेत्र स्थानांतरण कर देना बिल्कुल भी सही नही है।
इंटक यूनियन के नेता बी.एल. महंत ने जारी स्थानांतरण आदेश तत्काल निरस्त करने हेतु पत्र लिखकर मांग की है, ताकि कुसमुण्डा के इस वर्ष 2026-27 के उत्पादन एवं उत्पादकता प्रभावित न हो और उत्पादन लक्ष्य को प्राप्त कर सकें।

