कोरबा/कुसमुंडा – एसई सीएल कुसमुंडा प्रबंधन ने खदान में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जीरो टॉलरेंस अपनाया है जिसके तहत दो पहिया वाहनो को खदान परिक्षेत्र में विगत आठ माह पहले से पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया है।वही कामगारों को सुरक्षित उनके कार्यस्थल तक पहुचने के लिए अतिरिक्त शिफ्ट बस और चार पहिया वाहन उपलब्ध कराया गया है।ऐसे ऐतिहासिक फैसला लेने के कारण जहां एक ओर बाहरी स्थानीय लोगों का आवाजाही खदान क्षेत्र में बंद हो गया हैं वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों के ड्यूटी जाने में घट रही दुर्घटनाओं पर भी संपूर्ण रूप से अंकुश लग गई है।देखने वाली बात यह है कि कामगारों के लिए ऐसे हितकारी फैसले को चार श्रमिक संगठनों ने अपना समर्थन देते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया है वही एक श्रमिक संगठन लगातार इस फैसले का विरोध करते हुए प्रबंधन पर दो पहिया वाहनों को प्रवेश देने का दबाव बनाता नजर आ रहा है।ऐसे मजदूर विरोधी आग्रह से यह साबित हो रहा है कि कथित संगठन गलत रुख अपनाने का प्रयास कर रहा है साथ ही मजदूरों के जिंदगी से खिलवाड़ करते दिख रहा है।अब देखना यह है कि क्या प्रबंधन क्या फैसला लेती है।

