नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के 12वें दिन मंगलवार को विपक्ष के भारी हंगामे के बीच The Appropriation (No. 3) Bill, 2026 लोकसभा से ध्वनिमत से पारित हो गया। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर विपक्षी सांसदों के लगातार विरोध और नारेबाजी के बीच लोकसभा की कार्यवाही महज 19 मिनट चल सकी।
हंगामे के बावजूद सरकार ने वित्तीय कामकाज से जुड़े इस महत्वपूर्ण विधेयक को सदन में मंजूरी दिला दी। विधेयक पारित होने के बाद भी विपक्षी सांसदों का विरोध जारी रहा, जिसके चलते लोकसभा की कार्यवाही को 5 अगस्त 2026 सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दिया गया।
हंगामे के बीच ध्वनिमत से पास हुआ बिल
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर विरोध और नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्षी सदस्य लगातार अपनी मांगों को लेकर सदन में आवाज उठाते रहे।
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इस दौरान लोकसभा स्पीकर ने विपक्षी सांसदों से अपनी सीटों पर लौटने और खर्च से जुड़े प्रावधानों पर निर्धारित चर्चा में हिस्सा लेने की अपील की। हालांकि, विपक्ष का विरोध जारी रहा।
इसके बाद भारी हंगामे के बीच The Appropriation (No. 3) Bill, 2026 को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी गई।
क्या है Appropriation Bill?
Appropriation Bill संसद की वित्तीय प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके जरिए सरकार को संसद से पहले से स्वीकृत Demands for Grants के तहत होने वाले खर्च को पूरा करने के लिए कानूनी अधिकार मिलता है।
इसके अलावा संचित निधि (Consolidated Fund) पर ‘charged’ खर्चों के लिए भी इस विधेयक के जरिए कानूनी आधार उपलब्ध कराया जाता है।
सरल शब्दों में समझें तो सरकार को संसद की मंजूरी के बाद ही भारत की संचित निधि से स्वीकृत राशि निकालकर विभिन्न सरकारी खर्चों को पूरा करने का अधिकार मिलता है।
संविधान के अनुच्छेद 114 से जुड़ा है प्रावधान
Appropriation Bill का संबंध संविधान के अनुच्छेद 114 से है। इसके तहत संसद की मंजूरी के बिना भारत की संचित निधि से धनराशि नहीं निकाली जा सकती।
The Appropriation (No. 3) Bill, 2026 के पारित होने के बाद सरकार को स्वीकृत वित्तीय आवंटन के अनुसार विभिन्न सरकारी खर्चों को पूरा करने के लिए संचित निधि से राशि निकालने का कानूनी आधार मिल गया है।
सिर्फ 19 मिनट चली लोकसभा की कार्यवाही
विपक्ष के लगातार हंगामे के कारण मंगलवार को लोकसभा की कार्यवाही सिर्फ 19 मिनट चल पाई। बिल पास होने के बाद भी सदन में नारेबाजी और विरोध जारी रहा।
इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही को 5 अगस्त 2026 सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दिया गया।
अब संसद के मानसून सत्र में वित्तीय कामकाज के अगले चरण में Finance Bill पर चर्चा और आगे की कार्यवाही होगी।
Appropriation Bill क्यों है महत्वपूर्ण?
सरकार के लिए Appropriation Bill बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इसके बिना संसद द्वारा स्वीकृत अनुदानों के तहत भारत की संचित निधि से राशि निकालकर सरकारी खर्च करना संभव नहीं होता। इसलिए सदन में भारी राजनीतिक हंगामे के बावजूद इस वित्तीय विधेयक का पारित होना सरकार के लिए महत्वपूर्ण संसदीय प्रक्रिया है।

