रायगढ़ | 7 अप्रैल 2026 छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां शातिर जालसाजों ने प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम के नाम का सहारा लेकर लाखों रुपये डकार लिए। खुद को मंत्री का करीबी रिश्तेदार (बहनोई) बताकर एक शख्स ने मंत्रालय में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से 22.70 लाख रुपये की वसूली की। अब पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
ऐसे बुना ठगी का जाल
जानकारी के अनुसार, मुख्य आरोपी कुमार राम ठाकुर ने अपनी पत्नी सोहद्रा बाई के साथ मिलकर इस पूरी साजिश को अंजाम दिया। प्रार्थी समारू राम टंडन ने पुलिस को बताया कि उसकी मुलाकात आरोपी से साल 2025 में रायपुर में हुई थी।
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आरोपी कुमार राम ने दावा किया कि वह कृषि मंत्री का सगा बहनोई है।
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उसने मंत्रालय में अपनी ऊंची पकड़ होने की धौंस दिखाई।
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भरोसा जीतने के लिए उसने युवाओं को डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर सीधी भर्ती कराने का लालच दिया।
किस्तों में वसूले 22.70 लाख रुपये
पीड़ितों के मुताबिक, नौकरी पक्की करने के नाम पर आरोपियों ने कई किस्तों में पैसे लिए। रायगढ़ आकर 4 लाख रुपये नकद लिए गए, जबकि बाकी की रकम 9.92 लाख और फिर 8.77 लाख रुपये ऑनलाइन और अलग-अलग माध्यमों से वसूले गए। हद तो तब हो गई जब आरोपियों ने पीड़ितों को फर्जी नियुक्ति पत्र तक दिखा दिए और ज्वाइनिंग के लिए विधानसभा सत्र खत्म होने का बहाना बनाकर टालते रहे।
तीन आरोपियों पर FIR दर्ज
जब काफी समय बीत जाने के बाद भी न तो नौकरी मिली और न ही पैसे वापस हुए, तब पीड़ितों को ठगी का एहसास हुआ। रायगढ़ की सिटी कोतवाली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए:
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कुमार राम ठाकुर
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सोहद्रा बाई (पत्नी)
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एक अन्य सहयोगी
के खिलाफ संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर लिया है।

