नई दिल्ली, 27 जुलाई 2025 भारतीय सेना अब आतंकवाद और भविष्य की जटिल चुनौतियों से निपटने के लिए एक नए और आक्रामक ‘युद्ध सिद्धांत’ को अंतिम रूप देने की तैयारी में है। दशकों से सीमापार प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और हाल ही में सफल रहे ऑपरेशन सिंदूर से मिले अहम सबक इस नई रणनीति का आधार बनेंगे।
सूत्रों के अनुसार, नए युद्ध सिद्धांत में आतंकी हमलों को देश के खिलाफ युद्ध माना जाएगा। अब नॉन-स्टेट एक्टर्स की आड़ में आतंक को ‘राज्य नीति’ के रूप में अपनाने वाले देशों के खिलाफ भारत की सेना 24 घंटे कार्रवाई के लिए तैयार रहेगी।
सैन्य मामलों का विभाग इस नए युद्ध सिद्धांत के विभिन्न पहलुओं पर कार्य कर रहा है। इसमें खासतौर पर पुराने ‘सामरिक संयम (Strategic Restraint)’ की नीति को हटाकर ‘प्रोएक्टिव डेटेरेंस’, ‘प्रिएम्टिव स्ट्राइक’ और ‘प्रिवेंटिव एक्शन’ जैसे रुख को अपनाया जाएगा। यानी अब भारत किसी भी संभावित खतरे को रोकने के लिए पहले से कार्रवाई करेगा और जरूरत पड़ी तो हमले से पहले दुश्मन को चेतावनी नहीं, सीधे जवाब देगा।
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) की निगरानी में इस सिद्धांत को अंतिम रूप दिया जाएगा। इस दिशा में पहला कदम एक फ्यूचर वॉरफेयर एनालिसिस ग्रुप का गठन है, जो बदलते युद्ध के तरीकों का अध्ययन करेगा।

