देर रात हुआ हादसा, सुरक्षा पर उठे सवाल
जानकारी के अनुसार, अस्पताल प्रशासन ने सिवरेज टैंक की सफाई के लिए इन कर्मियों को लगाया था। टैंक के भीतर जहरीली गैसों के प्रभाव के कारण तीनों कर्मी अचेत हो गए और उनकी जान चली गई। 3 सफाईकर्मियों की मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंच गए। परिजनों ने आरोप लगाया कि सुरक्षा मानकों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया था।
“टैंक में उतारने से पहले कोई सुरक्षा उपकरण नहीं दिए गए। यह सीधा हत्या का मामला है। हम न्याय मिलने तक यहाँ से नहीं हटेंगे।” — पीड़ित परिजन
हादसे के बाद अस्पताल प्रशासन ने गेट बंद कर दिए, जिससे गुस्सा और भड़क गया। भीड़ ने गेट तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। बिलखते परिजनों और आक्रोशित भीड़ ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल अस्पताल के बाहर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है।

