Korba News : कोरबा। छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं और संस्कृति से जुड़े भोजली पर्व के अवसर पर कोरबा में श्रद्धा और उत्साह का माहौल देखने को मिला। लोकपर्व में बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और श्रद्धालु शामिल हुए। महिलाएं और बच्चे सिर पर भोजली लेकर पारंपरिक रूप से डेंगूनाला पहुंचे, जहां विधि-विधान और श्रद्धा के साथ भोजली का विसर्जन किया गया।
महिलाओं और बच्चों ने निकाली भोजली यात्रा
भोजली पर्व को लेकर क्षेत्र में सुबह से ही उत्साह का माहौल रहा। महिलाएं पारंपरिक रूप से भोजली को अपने सिर पर रखकर समूह में डेंगूनाला की ओर पहुंचीं। इस दौरान बच्चे भी बड़ी संख्या में यात्रा में शामिल हुए।
भोजली गीतों और लोक परंपराओं के बीच श्रद्धालुओं ने भोजली विसर्जन की रस्म पूरी की। पूरे मार्ग में लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली।
डेंगूनाला में किया भोजली विसर्जन
डेंगूनाला पहुंचने के बाद महिलाओं ने पूजा-अर्चना की और इसके बाद भोजली का विसर्जन किया। श्रद्धालुओं ने परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की।
भोजली पर्व छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति और ग्रामीण जीवन से गहराई से जुड़ा हुआ है। इस पर्व के दौरान महिलाएं भोजली को श्रद्धा से तैयार करती हैं और विसर्जन के साथ पर्व का समापन करती हैं।
लोक संस्कृति और परंपरा का दिखा रंग
भोजली पर्व के दौरान कोरबा में लोक संस्कृति का रंग देखने को मिला। महिलाओं और बच्चों की भागीदारी ने आयोजन को और खास बना दिया। पारंपरिक गीतों और रीति-रिवाजों के साथ लोगों ने पर्व मनाया।
लोकपर्व में उमड़ी भीड़ के कारण डेंगूनाला क्षेत्र में काफी चहल-पहल रही। आयोजन को लेकर स्थानीय स्तर पर भी उत्साह देखने को मिला।

