कोरबा। कोसाबाड़ी स्थित प्रतिष्ठित निर्मला हायर सेकेंडरी स्कूल के खिलाफ मिली शिकायतों को लेकर जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने गंभीरता दिखाई है। शिकायतों की जांच के लिए तीन सदस्यीय संयुक्त जांच दल गठित किया गया है। टीम 6 अक्टूबर 2026 को स्कूल परिसर पहुंचकर शिकायतों की बिंदुवार जांच करेगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्थानीय नागरिक रजनीश मिश्रा सहित पांच लोगों ने 29 सितंबर 2026 को जिला शिक्षा अधिकारी कोरबा के समक्ष स्कूल के संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। वहीं पथरीपारा निवासी जितेन्द्र कुमार साहू ने मामले को लेकर कलेक्टर कोरबा के समक्ष शिकायत प्रस्तुत कर कार्रवाई की मांग की थी।
तीन सदस्यीय जांच टीम गठित
शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के आदेश पर संयुक्त जांच दल का गठन किया गया है। जांच टीम में विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कोरबा, सेजेस कुसमुंडा के प्राचार्य और शासकीय हाईस्कूल दादरखुर्द के प्राचार्य को शामिल किया गया है।
टीम शिकायतों में लगाए गए आरोपों की बिंदुवार पड़ताल करेगी। जांच के दौरान संबंधित दस्तावेजों का अवलोकन करने के साथ स्कूल प्रबंधन और कर्मचारियों का पक्ष भी दर्ज किया जाएगा।
स्कूल के पूरे स्टाफ की मौजूदगी अनिवार्य
विकासखंड शिक्षा अधिकारी कोरबा की ओर से स्कूल प्राचार्य को जारी नोटिस में 6 अक्टूबर को होने वाली जांच के दौरान स्कूल के सभी पदस्थ कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है।
जांच टीम द्वारा आवश्यकतानुसार कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जाएंगे। इसके अलावा स्कूल प्रबंधन को शिकायत से संबंधित सभी मूल दस्तावेज जांच दल के समक्ष भौतिक रूप से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
शिकायतकर्ताओं को भी बुलाया गया
जांच प्रक्रिया में शिकायतकर्ताओं का पक्ष भी दर्ज किया जाएगा। इसके लिए रजनीश मिश्रा, जगदीश प्रधान, राजेश मिश्रा, अखिलेश मणी तिवारी और जितेन्द्र कुमार साहू को 6 अक्टूबर को उपस्थित रहने के लिए नोटिस जारी किया गया है।
शिकायतकर्ताओं और स्कूल प्रबंधन के पक्ष के साथ दस्तावेजों की जांच के आधार पर ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जांच रिपोर्ट के बाद सामने आएगी आगे की कार्रवाई
निर्मला हायर सेकेंडरी स्कूल से संबंधित शिकायतों पर अब 6 अक्टूबर की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जांच दल शिकायतों में लगाए गए बिंदुओं, संबंधित दस्तावेजों और पक्षकारों के बयानों की पड़ताल करेगा।
फिलहाल शिकायतों में लगाए गए आरोप जांच के अधीन हैं और उनकी पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। अब सबकी नजर इस बात पर है कि संयुक्त जांच दल की रिपोर्ट में क्या तथ्य सामने आते हैं और शिक्षा विभाग इसके आधार पर आगे क्या कार्रवाई करता है।

