कोरबा/कुसमुंडा – देश में बढ़ते कोयले की मांग और विदेशी कोयला के आयात पर कमी लाने में कोल मंत्रालय और कोल इंडिया चिंतित है।वही दूसरी ओर SECL के दीपका व कुसमुंडा श्रेत्र जैसे मेगा परियोजना में नेगेटिव ग्रोथ से सीआईएल और एसईसीएल इस वर्ष के उत्पादन लक्ष्य शेष बचे दस दिनों में हासिल करना पाना असंभव सा प्रतीत होता है।कोरबा जिला के मेगा परियोजनाओं में खदान विस्तार में मुख्य रोड़ा जमीन अधिग्रहण का है जिसके चलते उत्पादन कार्य बुरी तरह बाधित हो रही है।इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए कोल इंडिया चेयरमैन पी एम प्रसाद के इस दौरे को जोड़ा जा रहा है।आज के दौरे में श्री प्रसाद पहले दीपका श्रेत्र का प्रत्येक फेस का अवलोकन किए साथ ही साइलो का निरीक्षण करते हुए कुछ विशेष दिशा निर्देश दिए।

दीपका के बाद चेयरमैन का काफिला कुसमुंडा श्रेत्र में लगभग दस बजे पहुंचा।खान में पहुंचते पर महाप्रबंधक कुसमुंडा राजीव सिंह ने पुष्पगुच्छ भेंट करते हुए उनका आत्मीय स्वागत किया जिसके बाद चेयरमैन ने नीलकंठ (A) और नीलकंठ (B) पैच का निरीक्षण किए साथ ही खदान में उपस्थित महाप्रबंधक (खनन) पार्थ मुखर्जी ,खान प्रबंधक शहदाब अहमद व क्षेत्र के शीर्ष अधिकारियों के साथ आगामी वर्ष 2025–26 के उत्पादन को बढ़ाने की योजना बनाई।अध्यक्ष श्री प्रसाद के द्वारा महाप्रबंधक (खनन) पार्थ मुखर्जी से पूछे जाने पर उन्होंने आश्वस्त किया कि हमारी टीम पूरी जोश के साथ काम करेगी जिससे आगामी वित्तीय वर्ष में कुसमुंडा श्रेत्र दोबारा 50 मिलियन क्लब में अपना नाम दर्ज करे ।उन्होंने भू अधिग्रहण की वस्तु स्थिति की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए जिससे आने वाले समय में खदान विस्तार करने में विभागीय और ठेका कंपनियों को जमीन के लिए जूझना न पड़े। चेयमैन के दौरे में उनके साथ एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर,कोल इंडिया आलोक ललित कुमार,निदेशक (संचालन/योजना परियोजना टी जयाकुमार फ्रैंकलिन उपस्थित थे।
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