“हमने दोनों बच्चों को खो दिया”: बिलखते परिजन
परिजनों के मुताबिक, तीनों बच्चों को एक साथ पेट दर्द शुरू हुआ था। स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार के बाद भी जब सुधार नहीं हुआ, तब उन्हें जिला अस्पताल ले जाने की तैयारी की गई।
“कलेश्वरी और चैतन की हालत तेजी से बिगड़ी। अस्पताल पहुँचने से पहले ही उनकी धड़कनें कमजोर पड़ने लगी थीं। हमें समझ ही नहीं आया कि चंद घंटों में क्या से क्या हो गया। गांव के लोग डरे हुए हैं कि कहीं यह कोई संक्रामक बीमारी तो नहीं।”
— एक ग्रामीण, ग्राम पंचायत किबड़ा
जांच में जुटा स्वास्थ्य विभाग
जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने प्रारंभिक तौर पर इसे फूड पॉइजनिंग या दूषित पानी से होने वाला संक्रमण बताया है। हालांकि, मौत के असली कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा। स्वास्थ्य विभाग ने किबड़ा गांव में एक कैंप लगा दिया है ताकि अन्य ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की जा सके और जल स्रोतों के नमूने लिए जा सकें।
प्रशासन ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने का भरोसा दिया है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने भी अस्पताल पहुँचकर शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी। वर्तमान में, गांव में तनावपूर्ण शांति है और लोग स्वास्थ्य विभाग की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी अनहोनी को रोका जा सके।

