CG High Court : बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में संविदा क्षेत्र समन्वयकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया में 45 वर्ष तक की आयु वाले उम्मीदवारों की उम्मीदवारी पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया है। अदालत ने संबंधित जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) को 16 सितंबर 2026 के सरकारी परिपत्र और लागू आरक्षण व्यवस्था के अनुसार 30 दिनों के भीतर मामले पर विचार करने को कहा है।
हाईकोर्ट के इस निर्देश से उन संविदा कर्मचारियों और उम्मीदवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनकी उम्मीदवारी आयु सीमा या भर्ती संबंधी नियमों के कारण प्रभावित हुई थी। हालांकि, अदालत ने सभी उम्मीदवारों की नियुक्ति का सीधा आदेश नहीं दिया है, बल्कि संबंधित अधिकारी को नियमों के तहत उनके मामलों पर विचार करने का निर्देश दिया है।
45 वर्ष तक के उम्मीदवारों की उम्मीदवारी पर होगा विचार
मामला संविदा क्षेत्र समन्वयकों की भर्ती और उम्मीदवारों की आयु सीमा से संबंधित है। हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि 45 वर्ष तक की आयु वाले उम्मीदवारों की उम्मीदवारी पर लागू सरकारी नियमों और निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पुनर्विचार किया जाए।
इस फैसले से ऐसे उम्मीदवारों को अपनी पात्रता पर दोबारा विचार किए जाने का अवसर मिल सकता है, जो निर्धारित आयु सीमा को लेकर समस्या का सामना कर रहे थे। भर्ती में आयु संबंधी छूट या पात्रता का लाभ किसे मिलेगा, यह संबंधित सरकारी परिपत्र और लागू नियमों के आधार पर तय किया जाएगा।
16 सितंबर 2026 के सरकारी परिपत्र के आधार पर फैसला
अदालत ने संबंधित जिला पंचायत के CEO को 16 सितंबर 2026 को जारी सरकारी परिपत्र को ध्यान में रखते हुए मामले पर विचार करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही लागू आरक्षण व्यवस्था का पालन करना भी जरूरी होगा।
इसका अर्थ है कि संबंधित अधिकारी को केवल उम्मीदवार की आयु ही नहीं, बल्कि भर्ती पर लागू अन्य नियमों और पात्रता शर्तों को भी ध्यान में रखना होगा। उम्मीदवारों की उम्मीदवारी पर निर्णय नियमानुसार लिया जाना है।
30 दिनों के भीतर कार्रवाई के निर्देश
हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारी को मामले पर विचार करने के लिए 30 दिनों की समयसीमा निर्धारित की है। अब जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को निर्धारित अवधि के भीतर सरकारी परिपत्र और आरक्षण संबंधी प्रावधानों के अनुसार उचित निर्णय लेना होगा।
इस निर्देश के बाद संबंधित उम्मीदवारों की नजर जिला पंचायत की आगामी कार्रवाई पर रहेगी। हालांकि, 30 दिनों के भीतर विचार करने का निर्देश अपने आप में नियुक्ति की गारंटी नहीं है।

