Rajya Sabha Seats , रायपुर। अगले साल छत्तीसगढ़ से राज्यसभा की दो सीटें रिक्त होने वाली हैं, जिसके चलते राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। ये दोनों सीटें मौजूदा सदस्यों के कार्यकाल समाप्त होने के कारण खाली होंगी और राजनीतिक दलों के बीच दावेदारों की खोज शुरू हो चुकी है। राज्य में सभी प्रमुख राजनीतिक दल अपने उम्मीदवारों के लिए रणनीति बनाने में जुट गए हैं।
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कौन-कौन दावेदार?
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियों में संभावित उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा चल रही है। पार्टी की शीर्ष नेता और रणनीतिकार अपने समर्थकों के लिए लॉबिंग शुरू कर चुके हैं। खबर है कि कुछ उद्योगपति और वरिष्ठ नेता भी इस सीट के लिए आगे आने के संकेत दे रहे हैं।
लॉबिंग शुरू, राजनीतिक उठापटक
राज्यसभा की सीटों को लेकर राजनीतिक दलों में लॉबिंग और राजनीतिक उठापटक तेज हो गई है। पार्टी नेताओं ने स्थानीय विधायक और वरिष्ठ नेताओं से समर्थन जुटाना शुरू कर दिया है। इससे पहले भी राज्यसभा चुनाव में पार्टी के अंदर मतभेद और चर्चाएँ देखने को मिली हैं।
सीटों की महत्वपूर्णता
राज्यसभा की यह दो सीटें छत्तीसगढ़ की राजनीतिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। इन सीटों पर किसी उम्मीदवार का चयन राज्य की जनता और पार्टी की राजनीतिक रणनीति दोनों के लिए अहम होगा। सांसद के रूप में चुने जाने वाले व्यक्ति का राज्य और केंद्र की नीतियों पर प्रभाव पड़ सकता है।
समय सारणी और चुनाव प्रक्रिया
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव की समाप्ति और राज्यसभा सीटों के रिक्त होने के बाद ही चुनाव आयोग द्वारा नई प्रक्रिया शुरू की जाएगी। निर्वाचन प्रक्रिया में विधायकों के वोट अहम होंगे, इसलिए पार्टी नेतृत्व विधायकों की राय और समर्थन पर ध्यान दे रहे हैं।
राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं
राज्यसभा की इन दो सीटों पर किसे भेजा जाएगा, यह केवल उम्मीदवार तक ही सीमित नहीं है। यह राज्य के राजनीतिक समीकरण और केंद्र की नीतियों पर भी असर डाल सकता है। राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि यह चुनाव आगामी लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनाव के लिए संकेत भी देगा।

