Bhilai Steel Plant , दुर्ग। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के परिचालन और सुरक्षा व्यवस्था पर शुक्रवार को एक बार फिर सवाल खड़ा हो गया, जब संयंत्र के अति महत्वपूर्ण क्षेत्र पावर एंड ब्लोइंग स्टेशन नंबर-2 (PBS-2) में भीषण आग लग गई। यह आग ICL के सामने स्थित PBS-2 की गैस पाइपलाइन में गैस रिसाव के कारण भड़की, जिससे पूरे प्लांट परिसर में हड़कंप मच गया।
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कुछ ही सेकंड में लपटों में बदली गैस
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की दोपहर लगभग 12:15 बजे के आस-पास PBS-2 क्षेत्र में गैस पाइपलाइन से अचानक रिसाव शुरू हो गया। ज्वलनशील गैस होने के कारण, रिसाव के कुछ ही सेकंड के भीतर इसने आग की भयंकर लपटों का रूप ले लिया। आग की लपटें इतनी तेज़ थीं कि दूर से ही धुएं का गुबार और आग की रौशनी दिखाई दे रही थी, जिसने मौके पर मौजूद कर्मचारियों में दहशत फैला दी।
बताया जा रहा है कि यह पाइपलाइन भिलाई इस्पात संयंत्र के महत्वपूर्ण ब्लास्ट फर्नेस क्रमांक-8 (महामाया) को गैस की आपूर्ति करती है। हादसे के बाद, एहतियात के तौर पर इस पाइपलाइन से गैस की आपूर्ति तत्काल बंद कर दी गई है।
दमकल कर्मियों ने मोर्चा संभाला, उत्पादन धीमा
आग लगने की सूचना मिलते ही बीएसपी की दमकल टीम (Fire Brigade) तुरंत मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने बिना समय गंवाए मोर्चा संभाल लिया और आग पर काबू पाने की कोशिशें शुरू कर दीं। हालांकि, गैस पाइपलाइन होने के कारण आग पर पूरी तरह काबू पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है, और दमकल कर्मी विशेष तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं।
संयंत्र प्रबंधन ने आग बुझाने के दौरान किसी बड़े नुकसान से बचने के लिए, उस स्ट्रक्चर को बचाने पर भी ध्यान केंद्रित किया है, जिस पर गैस पाइपलाइन लगी हुई है। इसके साथ ही, ब्लास्ट फर्नेस-8 में उत्पादन को भी धीरे-धीरे कम किया जा रहा है, ताकि किसी भी तरह के बड़े नुकसान या उत्पादन में लंबी बाधा को टाला जा सके।

