कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक बार फिर हाथी-मानव संघर्ष की घटना सामने आई है। करतला वन परिक्षेत्र के बड़मार परिसर में शनिवार सुबह एक दंतैल हाथी के हमले में 53 वर्षीय ग्रामीण की मौत हो गई। घटना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए मृतक के परिजनों को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की।
दिशा-मैदान के लिए जंगल गया था ग्रामीण
जानकारी के अनुसार, घटना 1 अगस्त की सुबह करीब 5 बजे कोरबा वनमंडल के करतला रेंज अंतर्गत बड़मार परिसर में हुई। बड़मार गांव निवासी जागेश्वर राठिया (53 वर्ष) सुबह दिशा-मैदान के लिए डीएवी स्कूल के पास स्थित जंगल की ओर गए थे।
इसी दौरान उनका सामना एक दंतैल हाथी से हो गया। प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, हाथी ने जागेश्वर पर हमला कर दिया। बचने का प्रयास करने से पहले ही हाथी ने उन्हें सूंड से पकड़कर जमीन पर पटक दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
ग्रामीणों ने दी सूचना, वन विभाग पहुंचा मौके पर
घटना को जंगल की ओर गए अन्य ग्रामीणों ने देखा और तत्काल मृतक के परिजनों को सूचना दी। इसके बाद वन विभाग को मामले की जानकारी दी गई।
सूचना मिलते ही रेंजर अक्ष पलक ऋषि, डिप्टी रेंजर पीतांबर कंवर और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पंचनामा की कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
परिजनों को 25 हजार रुपये की तत्काल सहायता
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मृतक के परिजनों को नियमानुसार 25 हजार रुपये की तत्काल सहायता राशि प्रदान की गई है। साथ ही आगे की मुआवजा प्रक्रिया भी नियमानुसार पूरी की जाएगी।
कुदमुरा क्षेत्र से बड़मार पहुंचा आक्रामक हाथी
वन विभाग के अनुसार, यह दंतैल हाथी कुदमुरा क्षेत्र से बड़मार की ओर पहुंचा है और काफी आक्रामक व्यवहार कर रहा है। बताया जा रहा है कि हाथी पहले चोरभी-पंडरपानी क्षेत्र में विचरण कर रहा था, लेकिन शुक्रवार रात अचानक बड़मार इलाके में पहुंच गया।
हाथी की लोकेशन की जानकारी समय पर ग्रामीणों तक नहीं पहुंच पाने के कारण लोग सामान्य रूप से जंगल की ओर आते-जाते रहे, जिसके चलते यह दुखद घटना घट गई।
ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील
घटना के बाद वन विभाग ने आसपास के गांवों के लोगों से जंगल की ओर अकेले नहीं जाने और विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। विभाग की टीम हाथी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए है और लोगों को सुरक्षित रहने के लिए अलर्ट किया जा रहा है।
कोरबा जिले में लगातार सामने आ रही हाथी-मानव संघर्ष की घटनाओं ने एक बार फिर वन्यजीव प्रबंधन और ग्रामीण क्षेत्रों में समय पर सूचना तंत्र की आवश्यकता को रेखांकित किया है।

