Ram Mandir offering theft case अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, इस संबंध में ट्रस्ट की ओर से आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
बताया जा रहा है कि यह इस्तीफा ऐसे समय में आया है, जब चढ़ावा चोरी मामले की जांच तेज हो गई है। फिलहाल दर्ज एफआईआर में चंपत राय और अनिल मिश्रा का नाम शामिल नहीं है, लेकिन इस्तीफे के बाद जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
8 आरोपी गिरफ्तार, कोर्ट में होगी पेशी
चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें चंपत राय के करीबी बताए जाने वाले रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, उनके भतीजे मनीष यादव, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा और कैश काउंटिंग की निगरानी से जुड़े सुभाष श्रीवास्तव समेत अन्य आरोपी शामिल हैं। मेडिकल परीक्षण के बाद सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा।
SIT की शुरुआती जांच में सामने आईं खामियां
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में चढ़ावे की निगरानी व्यवस्था में लापरवाही और निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का सही तरीके से पालन नहीं होने की बात सामने आई है। जांच एजेंसियां पूरे मामले की गहन पड़ताल कर रही हैं।
कौन हैं चंपत राय?
चंपत राय लंबे समय से राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे हैं। वर्ष 1946 में उत्तर प्रदेश के बिजनौर में जन्मे चंपत राय का पूरा नाम चंपत राय बंसल है। वह पहले बिजनौर के एक डिग्री कॉलेज में रसायन विज्ञान के प्राध्यापक थे। बाद में उन्होंने नौकरी छोड़कर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रचारक के रूप में कार्य किया और राम मंदिर आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। आपातकाल के दौरान उन्होंने करीब 18 महीने जेल में भी बिताए थे।
सीएम योगी का सख्त संदेश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जनआस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है और मामले में शामिल हर आरोपी को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में किसी को भी छूट नहीं मिलेगी। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सनातन आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को उनके कृत्यों का परिणाम भुगतना पड़ेगा।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस तथा एसआईटी विभिन्न पहलुओं की जांच में जुटी हुई है। आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

