कोरबा, 1 मई 2026 छत्तीसगढ़ की ऊर्जा धानी कोरबा से एक बड़ी दुर्घटना की खबर सामने आई है। जिले के बांधाखार स्थित मारुति क्लीन कोल पावर प्लांट में गुरुवार देर रात एक पावर ट्रांसफार्मर फटने से जबरदस्त धमाका हुआ। इस हादसे के बाद प्लांट की 300 मेगावाट की यूनिट पूरी तरह से ठप हो गई है, जिससे प्रबंधन को लाखों-करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान है।
आधी रात को धमाके से दहल उठा इलाका
हादसा गुरुवार रात करीब 1:45 बजे हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना जोरदार था कि इसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। धमाके के तुरंत बाद पावर ट्रांसफार्मर ने भीषण आग पकड़ ली। आसमान में उठती आग की लपटों और धुएं के गुबार को देखकर आसपास के गांवों में हड़कंप मच गया और लोग डर के मारे घरों से बाहर निकल आए।
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मशक्कत के बाद आग पर पाया गया काबू
हादसे के तुरंत बाद प्लांट में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। चूंकि आग तेल से भरे ट्रांसफार्मर में लगी थी, इसलिए इसे बुझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। घंटों की कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक ट्रांसफार्मर और उससे जुड़े उपकरण पूरी तरह जलकर खाक हो चुके थे।
बिजली उत्पादन ठप, करोड़ों का नुकसान
इस हादसे के कारण प्लांट की 300 मेगावाट की इकाई बंद हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इतने बड़े ट्रांसफार्मर की मरम्मत या उसे बदलने में काफी समय लग सकता है, जिससे बिजली उत्पादन लंबे समय तक प्रभावित रहेगा।
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नुकसान का आकलन: प्रारंभिक जांच में नुकसान की राशि करोड़ों में बताई जा रही है।
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तकनीकी खराबी: माना जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट या ओवरहीटिंग की वजह से ट्रांसफार्मर में ब्लास्ट हुआ होगा।
सुरक्षा मानकों पर सवाल
हादसे के बाद एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। प्लांट प्रबंधन ने मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी है। गनीमत यह रही कि हादसा रात के वक्त हुआ और उस समय ट्रांसफार्मर के पास कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ी जनहानि टल गई।

