- बड़ा हमला: अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के इस्फहान स्थित एक रणनीतिक गोला-बारूद डिपो को निशाना बनाया।
- हथियारों का चुनाव: हमले में 2,000 पाउंड के घातक ‘बंकर-बस्टर’ (Penetrator Munitions) बमों का इस्तेमाल हुआ।
- डिजिटल धमाका: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर हमले का वीडियो जारी किया, जिसमें रात के वक्त भयंकर विस्फोट दिखाई दे रहे हैं।
US Iran Isfahan Attack 2026 , इस्फहान — मिडिल ईस्ट के ‘मैदान’ पर तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। मंगलवार तड़के अमेरिकी सेना ने ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण शहर इस्फहान पर एक बड़ा हवाई हमला किया। इस ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ में उन भूमिगत ठिकानों को निशाना बनाया गया, जहां ईरान का बड़ा गोला-बारूद भंडार और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े संवेदनशील संसाधन मौजूद थे। चश्मदीदों के मुताबिक, धमाके इतने जोरदार थे कि पूरा शहर दहल उठा और आसमान नारंगी रोशनी से भर गया।
मैदान पर ‘बंकर-बस्टर’: अभेद्य किलों को किया ध्वस्त
अमेरिकी खुफिया एजेंसी और पेंटागन ने इस ऑपरेशन के लिए विशेष रूप से ‘पेनिट्रेटर म्यूनिशन’ यानी बंकर-भेदी बमों का चुनाव किया। यह हमला केवल सतह पर नहीं, बल्कि जमीन के गहराई में बने उन कंक्रीट के ढांचों को तबाह करने के लिए था जिन्हें सामान्य मिसाइलों से भेदना असंभव है।
- टारगेट ज़ोन: इस्फहान का मुख्य गोला-बारूद डिपो, जहां भारी मात्रा में मिसाइलें और ड्रोन स्टॉक होने की खबर थी।
- रणनीतिक चोट: इस ठिकाने पर ईरान का लगभग 540 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम (Enriched Uranium) भी छिपाया गया था।
- ट्रंप का वीडियो: राष्ट्रपति ट्रंप ने बिना किसी कैप्शन के वीडियो पोस्ट किया, जिसे एक्सपर्ट्स इस हमले का सीधा ‘एविडेंस’ मान रहे हैं।
वीडियो में बैक-टू-बैक कई सेकेंडरी धमाके (Secondary Explosions) देखे जा सकते हैं, जो यह संकेत देते हैं कि डिपो के अंदर रखे विस्फोटक सामग्री ने आग पकड़ ली थी। यह हमला अमेरिका और इजरायल के उस संयुक्त मिशन का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता को ‘क्लीन स्वीप’ करना है।
“अमेरिका ने इस्फहान में एक बड़े खतरे को सफलतापूर्वक न्यूट्रलाइज किया है। हमने वहां भारी मात्रा में पेनिट्रेटर म्यूनिशन का उपयोग किया है ताकि जमीन के नीचे छिपे खतरों को खत्म किया जा सके। यह ईरान के लिए एक सीधा संदेश है।”
— अमेरिकी रक्षा अधिकारी (WSJ रिपोर्ट के अनुसार

