दिल्ली। केंद्र सरकार की “मजदूर विरोधी, किसान विरोधी और राष्ट्र विरोधी” नीतियों के खिलाफ आज देशभर में व्यापक भारत बंद का आयोजन किया गया है। इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान देश की 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच ने किया है, जिसमें 25 करोड़ से अधिक कर्मचारी भाग ले रहे हैं।
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हड़ताल में बैंकिंग, बीमा, डाक सेवाओं, कोयला खनन, परिवहन व कारखानों के कर्मचारियों के शामिल होने से आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) की महासचिव अमरजीत कौर ने बताया कि किसानों और ग्रामीण श्रमिकों का भी देशभर में इस आंदोलन को समर्थन मिल रहा है।
कौन-कौन सी सेवाएं होंगी प्रभावित?
हड़ताल का असर बैंक, डाक, कोयला खदान, सार्वजनिक परिवहन, और राज्य स्तरीय सेवाओं पर पड़ सकता है। हिंद मजदूर सभा के हरभजन सिंह सिद्धू ने बताया कि यह हड़ताल कई उद्योगों और सार्वजनिक सेवाओं को ठप कर सकती है।
श्रम कोडों को लेकर नाराजगी
यूनियनों का आरोप है कि सरकार द्वारा लागू किए जा रहे चार नए श्रम कोड श्रमिकों के अधिकारों को कुचलने के लिए बनाए गए हैं। इन कोड्स के तहत सामूहिक सौदेबाजी, संघ की गतिविधियों और हड़ताल के अधिकार को कमजोर किया जा रहा है।

