Tech News : नई दिल्ली, 04 जुलाई। अगर आप टेलीग्राम पर मुफ्त में फिल्में या वेब सीरीज देखने के लिए पायरेटेड चैनलों और ग्रुप्स का इस्तेमाल करते हैं, तो अब यह आसान नहीं रहेगा। केंद्र सरकार ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम को निर्देश दिया है कि वह अपने प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध फिल्मों, वेब सीरीज और अन्य कॉपीराइट सामग्री के पायरेटेड संस्करण साझा करने वाले चैनलों और ग्रुप्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि टेलीग्राम को ऐसे कंटेंट हटाने के लिए किसी औपचारिक शिकायत का इंतजार नहीं करना चाहिए, बल्कि स्वयं निगरानी कर पायरेटेड सामग्री को हटाने की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
15 दिन के भीतर कार्रवाई करने के निर्देश
सरकारी निर्देशों के अनुसार, टेलीग्राम को पायरेटेड कंटेंट उपलब्ध कराने वाले चैनलों और ग्रुप्स की पहचान कर उन्हें हटाने के लिए 15 दिनों के भीतर प्रभावी कदम उठाने होंगे। साथ ही भविष्य में भी ऐसे कंटेंट को प्लेटफॉर्म पर दोबारा अपलोड होने से रोकने के लिए मजबूत निगरानी व्यवस्था विकसित करने को कहा गया है।
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सरकार का उद्देश्य कॉपीराइट नियमों का पालन सुनिश्चित करना और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अवैध रूप से साझा की जा रही फिल्मों एवं वेब सीरीज पर रोक लगाना है।
शिकायत का इंतजार नहीं, खुद करनी होगी निगरानी
अब तक अक्सर कॉपीराइट धारकों की शिकायत मिलने के बाद ही कार्रवाई की जाती थी, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल शिकायत-आधारित व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। टेलीग्राम को सक्रिय रूप से ऐसे चैनलों और ग्रुप्स की पहचान कर उन्हें हटाने की जिम्मेदारी निभानी होगी।
इस कदम से अवैध रूप से फिल्मों और ओटीटी कंटेंट के प्रसार पर अंकुश लगाने की कोशिश की जा रही है।
फिल्म और OTT इंडस्ट्री को मिलेगा फायदा
फिल्म निर्माताओं और ओटीटी प्लेटफॉर्म लंबे समय से पायरेसी की समस्या को लेकर चिंता जताते रहे हैं। नई फिल्म या वेब सीरीज रिलीज होते ही उसका पायरेटेड संस्करण कई टेलीग्राम चैनलों और अन्य प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो जाता है, जिससे निर्माताओं और कंटेंट कंपनियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
सरकार का मानना है कि इस तरह की सख्ती से कॉपीराइट धारकों के हितों की बेहतर सुरक्षा होगी और डिजिटल मनोरंजन उद्योग को भी लाभ मिलेगा।
यूजर्स को भी रहना होगा सतर्क
विशेषज्ञों का कहना है कि पायरेटेड कंटेंट का उपयोग करना न केवल कॉपीराइट कानूनों का उल्लंघन है, बल्कि इससे साइबर सुरक्षा का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे चैनलों और फाइलों के जरिए मैलवेयर, फिशिंग लिंक और अन्य साइबर जोखिम भी फैल सकते हैं।
इसलिए उपयोगकर्ताओं को केवल अधिकृत ओटीटी प्लेटफॉर्म और वैध स्रोतों से ही फिल्में, वेब सीरीज और अन्य डिजिटल कंटेंट देखने की सलाह दी जाती है।
सरकार का यह कदम डिजिटल पायरेसी पर लगाम लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। यदि टेलीग्राम निर्धारित समय के भीतर आवश्यक कदम उठाता है, तो प्लेटफॉर्म पर पायरेटेड फिल्मों और वेब सीरीज की उपलब्धता में बड़ी कमी आ सकती है। इससे कॉपीराइट नियमों के पालन को बढ़ावा मिलेगा और मनोरंजन उद्योग को होने वाले नुकसान को कम करने में भी मदद मिलेगी।

