- वारदात: बिलासपुर के पचपेड़ी थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति ने पूजा कक्ष में आत्महत्या की।
- वजह: प्राथमिक जांच में तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास का मामला सामने आया।
- हिस्ट्री: मृतक ने 4 महीने पहले भी खुद को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की थी।
Suicide Case , बिलासपुर — छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में अंधविश्वास ने एक और जान ले ली। पचपेड़ी थाना क्षेत्र के एक गांव में एक शख्स ने तंत्र-मंत्र की सनक में खुद का गला काटकर जान दे दी। घटना उस वक्त सामने आई जब बहू ने पूजा रूम का दरवाजा खोला और अंदर ससुर की खून से लथपथ लाश पड़ी देखी। पुलिस को मौके से एक नया चाकू बरामद हुआ है, जिसे मृतक ने हाल ही में खरीदा था।
बीड़ी पीकर कमरे में गया, फिर जो हुआ वह खौफनाक था
चश्मदीदों और परिजनों के मुताबिक, मृतक की मानसिक स्थिति कुछ समय से अजीब थी। वह तंत्र-मंत्र की क्रियाओं में डूबा रहता था। मंगलवार को वह बाजार से नया चाकू खरीदकर लाया था। घर पहुँचने के बाद उसने बीड़ी पी और सीधे अपने पूजा रूम में दाखिल हो गया।
- समय: घटना दोपहर के वक्त की बताई जा रही है।
- सीन: बहू जब चाय या काम के सिलसिले में पास पहुंची, तो उसे फर्श पर बहता खून दिखाई दिया।
- पूर्व प्रयास: परिजनों ने खुलासा किया कि करीब 120 दिन पहले भी उसने अपने हाथ की नस काटने की कोशिश की थी।
पुलिस की शुरुआती तफ्तीश बताती है कि शख्स किसी बड़ी ‘सिद्धि’ या ‘बलि’ के भ्रम में था। कमरे के अंदर पूजा की सामग्री बिखरी हुई मिली है, जो इस बात की तस्दीक करती है कि मौत से पहले वहां कोई अनुष्ठान चल रहा था।
“हमने कमरे का दरवाजा खोला तो ससुर जी लहूलुहान पड़े थे। उनके पास ही वह नया चाकू पड़ा था। वह अक्सर पूजा-पाठ में खोए रहते थे और पहले भी खुद को चोट पहुँचा चुके थे।”
— मृतक की बहू का बयान (पुलिस को दिया गया)
पचपेड़ी पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। यह घटना केवल एक अपराध नहीं बल्कि ग्रामीण इलाकों में पैठ जमाए अंधविश्वास की गहरी जड़ें दिखाती है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या कोई तांत्रिक या बाहरी व्यक्ति उसे उकसा रहा था।

