Uddhav Thackeray’ नई दिल्ली। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आने की चर्चा है। सूत्रों के मुताबिक, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे की पार्टी को जल्द ही बड़ा झटका लग सकता है। बताया जा रहा है कि पार्टी के नौ लोकसभा सांसदों में से छह से सात सांसद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, संभावित राजनीतिक बदलाव को लेकर संबंधित सांसद इन दिनों दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं और लगातार वरिष्ठ नेताओं के संपर्क में हैं। हालांकि अभी तक किसी सांसद ने सार्वजनिक रूप से पार्टी छोड़ने की घोषणा नहीं की है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस संभावित टूट की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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यदि यह घटनाक्रम सच साबित होता है, तो लोकसभा में शिवसेना (यूबीटी) की ताकत पर बड़ा असर पड़ेगा। साथ ही महाराष्ट्र में विपक्षी गठबंधन की राजनीति को भी झटका लग सकता है। माना जा रहा है कि कुछ सांसदों की नाराजगी लंबे समय से पार्टी नेतृत्व और संगठनात्मक फैसलों को लेकर बनी हुई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि वर्ष 2022 में शिवसेना में हुई बड़ी टूट के बाद यह उद्धव ठाकरे के लिए एक और बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। उस समय एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में बड़ी संख्या में विधायक अलग हो गए थे, जिसके बाद राज्य की सत्ता का समीकरण पूरी तरह बदल गया था।
वर्तमान में महाराष्ट्र की राजनीति में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों और संगठनात्मक मजबूती को लेकर सभी दल सक्रिय हैं। ऐसे समय में यदि सांसदों का एक बड़ा समूह शिंदे गुट का दामन थामता है, तो इसका सीधा राजनीतिक लाभ सत्ताधारी गठबंधन को मिल सकता है।
हालांकि शिवसेना (यूबीटी) की ओर से इन अटकलों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। वहीं शिंदे गुट के नेताओं ने भी सार्वजनिक रूप से इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से परहेज किया है। राजनीतिक हलकों की निगाहें अब अगले कुछ दिनों पर टिकी हैं, जब इस मामले को लेकर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

