गन्ना जूस मशीन की चपेट में आया किशोर, चार उंगलियां बुरी तरह कुचलीं
आंकड़े साफ हैं, मुकाबला कड़ा है
कुल 1409 आवेदन आए। जांच हुई। छंटनी के बाद 1023 आवेदन पात्र पाए गए। अब यही बच्चे लॉटरी में शामिल होंगे। सीटें सीमित हैं—722। मतलब हर नाम निकलना आसान नहीं। राज्य स्तर पर भी यही प्रक्रिया 13 से 17 अप्रैल के बीच चलेगी। हर दिन लॉटरी। हर दिन उम्मीदें।
कैसे होगा चयन, क्या है पूरा सिस्टम
प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बताई जा रही है। सिस्टम रैंडम तरीके से नाम चुनेगा। कोई इंटरफेरेंस नहीं।
- 13–17 अप्रैल: लॉटरी प्रक्रिया
- स्कूल अलॉटमेंट: लॉटरी के साथ
- 30 अप्रैल: एडमिशन की अंतिम तारीख
एक अधिकारी ने कहा—अगर तय समय में एडमिशन नहीं लिया, तो सीट अगले वेटिंग लिस्ट वाले को मिल सकती है।
“प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है। हर पात्र बच्चे को बराबर मौका मिलेगा। अभिभावक समय पर दस्तावेज तैयार रखें।” — शिक्षा विभाग अधिकारी
ग्राउंड पर क्या दिख रहा है
स्कूलों के बाहर हलचल है। अभिभावक फॉर्म की कॉपी संभालकर बैठे हैं। कोई मोबाइल पर लिस्ट चेक कर रहा है, कोई पड़ोसी से चर्चा। हवा में एक ही सवाल—“नाम आएगा या नहीं?” आप महसूस कर सकते हैं वो बेचैनी। जैसे रिजल्ट से पहले का सन्नाटा।

