“सीएम के पास जाना है जाइए”: प्रोफेसर का कड़ा रुख
विवाद की शुरुआत तब हुई जब कुछ बाहरी युवक बिना किसी अनुमति के यूनिवर्सिटी के ग्राउंड में प्रैक्टिस करने पहुंचे. गार्ड्स द्वारा आईडी कार्ड मांगे जाने पर उन्होंने बहस शुरू कर दी. मामला बढ़ने पर प्रोफेसर राजीव चौधरी खुद वहां पहुंचे. वीडियो में उन्हें बेहद आक्रामक अंदाज़ में यह कहते सुना जा सकता है कि, “ब्रह्मा भी आ जाए तो मैं नियम नहीं तोडूंगा. गवर्नर साहब या सीएम साहब, जिसके पास भी जाना है जाइए, मैं अपना फैसला नहीं बदलूंगा.” उन्होंने साफ कर दिया कि बिना तयशुदा शुल्क और अनुमति के किसी भी बाहरी व्यक्ति को ग्राउंड में एंट्री नहीं दी जाएगी |
“चाकू मारने की धमकी और छात्रों का गुस्सा”
वीडियो वायरल होने के बाद स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई. कमेंट्स में मिली धमकियों के बाद फिजिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट के स्टूडेंट्स ने कड़ा विरोध जताया है. छात्रों ने कैंपस के अंदर रैली निकाली और प्रोफेसर की सुरक्षा की मांग की. पुलिस में इस मामले को लेकर दो अलग-अलग शिकायतें दर्ज की गई हैं — एक छात्रों की तरफ से और दूसरी यूनिवर्सिटी के गार्ड्स की ओर से. छात्रों का कहना है कि अगर गुरु सुरक्षित नहीं हैं, तो शिक्षा का माहौल कैसे बचेगा?

