रायपुर, छत्तीसगढ़। महिला आरक्षण बिल को लेकर छत्तीसगढ़ में सियासी पारा एक बार फिर गरमा गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए एक बड़ा और तंजिया बयान दिया है। राजधानी रायपुर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बघेल ने भाजपा की ‘जन आक्रोश रैली’ और महिला प्रतिनिधित्व के दावों पर सवाल खड़े किए।
“भाजपा-RSS ने कभी महिलाओं को नेतृत्व का मौका नहीं दिया”
भूपेश बघेल ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इनकी विचारधारा में महिलाओं के लिए शीर्ष नेतृत्व में जगह ही नहीं है। उन्होंने कहा, “विष्णु जी (मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय), अगर आपको वाकई महिलाओं के नेतृत्व में आने से कोई तकलीफ नहीं है, तो अपनी पत्नी कौशल्या भाभी को मुख्यमंत्री बना दीजिए।”
बघेल ने आरोप लगाया कि भाजपा केवल जुमलेबाजी कर रही है और जन आक्रोश रैली के जरिए जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है।
आरक्षण का श्रेय और कांग्रेस की भूमिका
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने बयान में कांग्रेस की पुरानी भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि महिलाओं को आरक्षण देने की पहल सबसे पहले पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने की थी। उन्होंने कहा, “अगर उस समय भाजपा ने अड़ंगा न लगाया होता, तो 1989 में ही यह कानून पास हो गया होता।” उन्होंने आगे जोड़ा कि कांग्रेस हमेशा से महिला सशक्तिकरण की समर्थक रही है और पंचायत राज व्यवस्था के माध्यम से लाखों महिलाओं को राजनीति में लाने का कार्य कांग्रेस की देन है।

