Petrol Diesel Crisis : रायपुर।’ छत्तीसगढ़ में ईंधन संकट गहराता जा रहा है। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल और डीजल की किल्लत ने आम जनता की रातों की नींद उड़ा दी है। आलम यह है कि प्रदेश के 300 से ज्यादा पेट्रोल पंप पूरी तरह से बंद हो गए हैं, और जहां सप्लाई बची है, वहां रातभर लोगों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
क्यों मचा है छत्तीसगढ़ में पेट्रोल के लिए कोहराम?
इस संकट के पीछे अचानक बढ़ी मांग और सप्लाई चेन में आया व्यवधान मुख्य कारण बताया जा रहा है। दरअसल, पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और स्थानीय चर्चाओं में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन बचाने की अपील और वीआईपी काफिलों में कटौती की खबरें वायरल हो रही थीं। हालांकि सरकार की ओर से ऐसी किसी आधिकारिक पाबंदी की बात नहीं कही गई है, लेकिन जनता में इस बात को लेकर ‘पैनिक’ (घबराहट) फैल गया।
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पैनिक बाइंग: भविष्य में किल्लत के डर से लोगों ने अपनी जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवाना शुरू कर दिया।
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स्टॉक की कमी: अचानक मांग बढ़ने से 300 से अधिक छोटे और मध्यम पंपों का स्टॉक खत्म हो गया।
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अफवाहों का बाजार: वीआईपी मूवमेंट में कटौती की चर्चा ने लोगों को चिंता में डाल दिया कि आने वाले दिनों में ईंधन की राशनिंग हो सकती है।
रायपुर की सड़कों पर आधी रात का नजारा
राजधानी रायपुर के प्रमुख इलाकों जैसे टाटीबंध, पचपेड़ी नाका और विधानसभा रोड स्थित पेट्रोल पंपों पर रात 2 बजे भी सैकड़ों गाड़ियां खड़ी नजर आईं। कई लोग तो बोतलों और ड्रमों में पेट्रोल भरते दिखे।

