नई दिल्ली। जीएसटी काउंसिल ने आम जनता को राहत देने के लिए 391 उत्पादों पर कर में कटौती या उन्हें पूरी तरह टैक्स फ्री करने का बड़ा फैसला लिया है। यह बदलाव 22 सितंबर से लागू होंगे। काउंसिल का उद्देश्य महंगाई को काबू में लाना और उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले बोझ को कम करना है।
जीएसटी काउंसिल ने उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए कई जरूरी वस्तुओं को करमुक्त कर दिया है। अब दूध, छेना और पनीर पर कोई जीएसटी नहीं लगेगा। इसके साथ ही रोटी, पराठा और अन्य दैनिक उपयोग की चीजों को भी टैक्स से मुक्त किया गया है। काउंसिल ने कुल 391 उत्पादों पर फैसला लिया है, जिनमें कई खाद्य पदार्थ, दवाइयां और जीवन से जुड़ी आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं। यह कदम महंगाई को नियंत्रित करने और आम लोगों को राहत देने के लिए उठाया गया है। नई जीएसटी दरें 22 सितंबर से लागू होंगी।
खाद्य पदार्थों पर बड़ी राहत
- दूध (यूएचटी), छेना, पनीर (प्री-पैकेज्ड और लेबल वाले) पर अब कोई टैक्स नहीं लगेगा।
- रोटी, चपाती, पराठा और पिज्जा ब्रेड को भी जीएसटी से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया है।
- मक्खन, घी, बटर ऑयल, चीज, कंडेंस्ड मिल्क, कोको पाउडर, चॉकलेट, आटा-मैदा से बने तैयार खाद्य उत्पाद, पास्ता, नूडल्स, केक, बिस्किट, आइसक्रीम आदि पर टैक्स 18% या 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है।
- खजूर, अंजीर, आम, संतरा, नींबू जैसे सूखे फलों पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% कर दिया गया।
- ड्राईफ्रूट्स जैसे बादाम, पिस्ता, हेजलनट, पाइन नट्स आदि पर भी अब सिर्फ 5% जीएसटी लगेगा।
- चीनी, गुड़, शुगर सिरप पर 12 फीसदी से टैक्स घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है।
- मिठाई, नमकीन, जैम, जेली, आचार, सॉस, आइसक्रीम जैसी चीजों पर भी अब केवल 5% जीएसटी।
- 5 से 0 में जाने वाले खाद्य पदार्थ: यूएचटी दूध, छेना और पनीर, सभी भारतीय ब्रेड्स, रोटी, पराठा, चपाती पर कोई टैक्स नहीं।
- 12-18 से पांच फीसदी पर आने वाले: खाने के आइटम- सॉस, पास्ता, कॉर्नफ्लेक्स, घी, बटर, इंस्टैंट नूडल्स, चॉकलेट, कॉफी और प्रीजर्व्ड मीट शामिल हैं।
मांस, मछली और समुद्री उत्पाद, अन्य पदार्थ
- सॉसेज, मीट प्रोडक्ट्स, फिश कैवियार, समुद्री भोजन पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% कर दिया गया।
- तेंदू पत्ता, काथा, और अन्य हर्बल उत्पादों पर टैक्स 18% से घटकर 5%।
- माल्ट, स्टार्च, सब्जियों से बने थिकनर, और ग्लिसरॉल पर भी जीएसटी घटाकर 5% कर दिया गया।
- एनीमल फैट्स, मछली का तेल, घी जैसे पशु तेलों पर अब केवल 5% टैक्स लगेगा।
किस सेक्टर के लिए जीएसटी के बदलावों में क्या?
टेक्सटाइल सेक्टर
– मानवनिर्मित धागों (यार्न) पर 12 से 5 फीसदी पर आया टैक्स
– मानवनिर्मित फाइबर पर 18 से 5 फीसदी होगा जीएसटी
– इससे कपड़ा उद्योग को फाइबर न्यूट्रल नीति मिलेगी।
फर्टिलाइजर सेक्टर में
– सल्फ्यूरिक एसिड, नाइट्रिक एसिड और अमोनियम पर 18 से 5 फीसदी टैक्स किया जा रहा है।
-नवीकरणीय ऊर्जा सेक्टर से जुड़े उपकरण, पुर्जों, बायोगैस प्लांट, विंडमिल, वेस्ट टू एनर्जी प्लांट, पीवी सेल्स, सोलर कूकर और सोलर वॉटर हीटर पर 12 से 5 फीसदी पर किया जाएगा टैक्स।
-एक विशेष टैक्स स्लैब बनाया गया है। यह 40 फीसदी का होगा। इसमें सुपर लग्जरी और सिन गुड्स होंगे।
– पान-मसाला, सिगरेट-गुटखा और अन्य तंबाकू उत्पाद शामिल होंगे, जिनमें चबाने वाली तंबाकू, जैसे जर्दा भी शामिल होंगे। इसके अलावा बीड़ी को भी 40 फीसदी की रेंज में रखा गया है।
– सभी उत्पाद, जिनमें अलग से शर्करा का प्रयोग किया गया है (ऐडेड शुगर वाले), कैफिनेटेड पेय, कार्बोनेटेड पेय पदार्थ (फ्रूट जूस या अन्य), नॉन एल्कोहलिक पेय पदार्थ सभी को 40 फीसदी में रखा गया है।
– मध्य आकार और बड़ी कार, 350 सीसी से ज्यादा इंजन क्षमता वाली मोटरसाइकिलों, एयरक्राफ्ट- हेलीकॉप्टर और विमान (निजी इस्तेमाल वाले), यॉट और अन्य पानी के जहाज स्पोर्ट्स में इस्तेमाल होने वाली भी 40 फीसदी रेंज में होंगे।
त्योहारी सीजन से पहले उपभोक्ताओं को बड़ी राहत
जीएसटी काउंसिल के फैसले के बाद दूध, पनीर, रोटी, पराठा, मक्खन, घी, ड्राईफ्रूट्स और मिठाई जैसी रोजमर्रा की चीजें सस्ती होंगी। जीएसटी दरों में यह बदलाव त्योहारी सीजन से पहले उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा। वहीं सरकार का कहना है कि यह फैसला महंगाई कम करने और उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए लिया गया है।
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— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 3, 2025

