कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में SECL के कुसमुंडा क्षेत्र स्थित बरपाली खोडरी फेस में बुधवार तड़के एक भारी डंपर हादसे का शिकार हो गया। मिट्टी अनलोड करने के दौरान करीब 100 टन वजनी डंपर अचानक फिसलकर नीचे जा गिरा। हादसे के वक्त चालक ने वाहन से छलांग लगाकर अपनी जान बचाई, लेकिन उसे गंभीर चोटें आई हैं। घायल चालक को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराए जाने की जानकारी सामने आई है।
मिट्टी अनलोड करते समय हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 4 बजे बरपाली खोडरी फेस में KNR कंपनी का डंपर मिट्टी खाली कर रहा था। इसी दौरान भारी वाहन अचानक असंतुलित होकर फिसल गया और नीचे जा गिरा। हादसे के बाद खदान क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
चालक ने कूदकर बचाई जान
बताया जा रहा है कि डंपर के फिसलने के दौरान चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए वाहन से छलांग लगा दी। इससे उसकी जान बच गई, हालांकि वह चोटिल हो गया। उसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। चालक की पहचान, चोटों की स्थिति और हादसे के तकनीकी कारणों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
KNR कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
कुसमुंडा क्षेत्र में हुए इस हादसे के बाद भारी वाहनों के संचालन और कार्यस्थल पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। खदानों में मिट्टी और कोयले की ढुलाई के दौरान बड़े डंपरों का इस्तेमाल होता है। ऐसे में वाहन की तकनीकी स्थिति, जमीन की मजबूती, ढलान और सुरक्षित तरीके से मिट्टी अनलोड करने की व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण होती है।
हालांकि, इस घटना में डंपर के फिसलने की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल कंपनी या संबंधित अधिकारियों की ओर से सुरक्षा चूक को लेकर कोई आधिकारिक बयान उपलब्ध नहीं है।
खदानों में श्रमिक सुरक्षा पर फिर बहस
इस घटना ने खदानों में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर चर्चा छेड़ दी है। श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हादसे की निष्पक्ष जांच, वाहन की तकनीकी जांच और कार्यस्थल पर अपनाए जा रहे सुरक्षा मानकों की समीक्षा जरूरी है।

