कोरबा/कुसमुंडा – कोयलांचल श्रेत्र में निवासरत कुसमुंडा,गेवरा और दीपका के निवासी लंबे अरसे से कुसमुंडा कोरबा के बदहाल सड़कों से हालाकान थे।बदहाल सड़क के चलते कई लोगों ने अपनी जान गंवाई जिसके बाद राज्य शासन के पीडब्ल्यूडी विभाग को फोर लेन सड़क बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई जिसके लिए एसईसीएल के कुसमुंडा श्रेत्र ने 240 करोड़ रुपए दिए।कुसमुंडा श्रेत्र के आर्थिक अनुदान के बाद भी पीडब्ल्यूडी विभाग की उदासीनता के परिणाम स्वरूप आज तक मुख्य मार्ग केवल सत्तर प्रतिशत ही बन पाई और पुराने ठेका कंपनी ने अपने कार्य को पूर्ण रूप छह माह पूर्व ही बंद कर दिया जिसके परिणाम स्वरूप शेष सड़क अधूरा पड़ा हुआ है।वही हम बात करे इमलीछापर चौक की तो इसकी हालत आज भी बद से बदतर है जिसका कारण नए ओवरब्रिज निर्माण का बताया जा रहा है।कॉलोनी में निवासरत कामगारों को अपने ड्यूटी जाने के लिए यही एक मात्र सड़क है जिससे होकर जाने उन्हे दो दो हाथ होना पड़ता है साथ ही स्थानीय लोगों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।इन सभी समस्याओं को देखते हुए सर्वमंगला मंडल अध्यक्ष मनीष मिश्रा ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशाशन और महापौर के समक्ष रखते हुए तत्काल समाधान की मांग की।समस्या को गंभीरता से लेते हुए महापौर संजू देवी सिंह राजपूत ने एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र से तत्काल इस समस्या का निदान करने हेतु इमलीछापर से कूचेना चौक होते हुए भुट्टा चौक तक जर्जर सड़क को नई सड़क बनाने का आग्रह किया जिसके उपरांत कुसमुंडा क्षेत्र ने इस बाईपास सड़क का डामरीकरण करते हुए जीर्णोद्धार किया जिससे कुसमुंडा वासियों ने राहत की सास ली।अब देखना यह है कि जिला प्रशाशन कुसमुंडा से कोरबा मुख्य मार्ग के शेष कार्यों को कब तक पूरा करा पाएगी।

