कोरबा। ‘सजग कोरबा, सतर्क कोरबा’ अभियान के तहत उरगा पुलिस ने करीब दो वर्ष पुराने चर्चित हत्या मामले में फरार मुख्य आरोपी वैभव भारती को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर जिला पुलिस अधीक्षक की ओर से ₹5,000 का इनाम घोषित था। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
इससे पहले पुलिस ने मामले के सह-आरोपी जितेंद्र मसीह को भी गिरफ्तार किया था। अब इस हाई-प्रोफाइल हत्या प्रकरण के दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं।
पुरानी रंजिश में रची थी हत्या की साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक विकास अग्रवाल और मुख्य आरोपी वैभव भारती के बीच पुराना विवाद था। आरोपी को संदेह था कि मृतक उसकी बहन पर गलत नजर रखता है। इसी रंजिश के चलते उसने अपने साथी जितेंद्र मसीह के साथ मिलकर विकास अग्रवाल की हत्या की साजिश रची।
शराब में मिलाया चूहा मारने का जहर
पुलिस के अनुसार, 16 फरवरी 2024 को एक शादी समारोह के दौरान दोनों आरोपियों ने पहले मृतक को अत्यधिक शराब पिलाई। इसके बाद दुकान से चूहा मारने की जहरीली दवा लाकर शराब में मिला दी और डिस्पोजेबल गिलास के जरिए उसे पिला दिया।
कुछ देर बाद मृतक की तबीयत बिगड़ गई। अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट में जहरीले पदार्थ की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने हत्या और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज किया था।
तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर की सूचना से मिली सफलता
घटना के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए थे। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। तकनीकी विश्लेषण, वैज्ञानिक जांच और मुखबिर की सूचना के आधार पर पहले सह-आरोपी जितेंद्र मसीह को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद मिली अहम जानकारी के आधार पर 1 अगस्त 2026 को मुख्य आरोपी वैभव भारती को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

