रायपुर/कोरबा | 12 फरवरी, 2026 छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम (NAN) के प्रदाय केंद्रों पर एक बड़े भ्रष्टाचार की आहट मिली है। कोरबा और कटघोरा के केंद्रों में गुणवत्ता मानकों को ताक पर रखकर हजारों क्विंटल अमानक (घटिया) चावल को स्वीकृति दी गई है। इस मामले में नान मुख्यालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो गोदाम प्रभारियों और एक तकनीकी सहायक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
तकनीकी सेंधमारी: दूसरे जिले की ID और OTP का खेल
जांच रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि चावल के लॉट को स्वीकार करने के लिए स्थानीय अधिकारियों ने नियमों को बाईपास किया।
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फर्जी लॉगिन: कोरबा में तैनात अधिकारियों ने दूसरे जिलों में पदस्थ तकनीकी कर्मचारियों की लॉगिन आईडी, पासवर्ड और ओटीपी का उपयोग कर चावल के लॉट सिस्टम में ‘अप्रूव’ दिखाए।
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अवैध स्थानांतरण: मामले को सामान्य दिखाने के लिए कुछ अन्य जिलों के तकनीकी कर्मियों की आईडी को रिकॉर्ड में कोरबा स्थानांतरित दिखाया गया था, ताकि बिना किसी भौतिक सत्यापन के कागजी खानापूर्ति की जा सके।
17 करोड़ का अमानक चावल, 8 अधिकारियों को नोटिस
नान मुख्यालय की विशेष जांच टीम ने जब गुणवत्ता निरीक्षण किया, तो पाया कि मिलर्स से प्राप्त चावल प्रथम दृष्टया अत्यंत घटिया स्तर का था।
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कुल राशि: लगभग 17 करोड़ रुपये मूल्य के चावल की अवैध रूप से खरीदी और स्वीकृति की बात सामने आई है।
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कार्रवाई: पोल खुलने के बाद नान मुख्यालय ने न केवल 3 कर्मचारियों को सस्पेंड किया है, बल्कि 8 अन्य वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी किया है।
जांच में हुए मुख्य खुलासे
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समय सीमा का उल्लंघन: सीएमआर के लिए आईडी केवल 6 माह के लिए वैध होती है, जिसे फर्जी तरीके से रिन्यू या ट्रांसफर किया गया।
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अनुपस्थिति में पेपर वर्क: जिस समय चावल के लॉट स्वीकृत दिखाए गए, उस समय संबंधित तकनीकी कर्मचारी ड्यूटी पर मौजूद ही नहीं थे।
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मिलर्स-अधिकारी सांठगांठ: यह आशंका जताई जा रही है कि घटिया चावल खपाने के बदले भारी लेन-देन किया गया है।
“यह एक संगठित सिंडिकेट की तरह काम कर रहा था, जहां तकनीकी खामियों का फायदा उठाकर गुणवत्ता से समझौता किया गया। दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।” > — नान मुख्यालय के आधिकारिक सूत्र
प्रमुख बिंदु: घोटाले का विवरण
| बिंदु | विवरण |
| केंद्र का नाम | कोरबा एवं कटघोरा (NAN प्रदाय केंद्र) |
| घोटाले का तरीका | दूसरे जिले के कर्मियों की ID/Password का दुरुपयोग |
| अनुमानित राशि | लगभग 17 करोड़ रुपये |
| प्रमुख कार्रवाई | 3 कर्मचारी निलंबित, 8 को नोटिस |
| जांच टीम | छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम (मुख्यालय) |

