प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी एसईसीएल कुसमुण्डा क्षेत्र में हिन्दी राजभाषा पखवाड़ा का आयोजन दिनाँक 14/09/2025 से 29/09/2025 तक किया जा रहा है। हिन्दी राजभाषा पखवाड़ा का उद्घाटन माननीय श्री सचिन टी पाटिल, क्षेत्रीय महाप्रबंधक, एसईसीएल, कुसमुण्डा क्षेत्र के मुख्य आतिथ्य में दिनाँक 14/09/2025 को महाप्रबंधक कार्यालय सभाकक्ष में किया गया। इस अवसर पर सर्वप्रथम माँ सरस्वती के मूर्ति पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित किया गया। तत्पश्चात श्री अमित शाह, गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री, भारत सरकार के संदेश का वाचन श्री सुजीत झा, मुख्य प्रबंधक उत्खनन, कुसमुण्डा क्षेत्र, श्री जी० किशन रेड्डी, कोयला मंत्री भारत सरकार के संदेश का वाचन श्री राधेश्याम चौहान, सहायक प्रबंधक मा०सं०, कुसमुण्डा क्षेत्र, श्री सतीश चन्द्र दुबे, कोयला एवं खान राज्यमंत्री, भारत सरकार के संदेश का वाचन श्री सचिन प्यासी, कुसमुण्डा क्षेत्र, श्री पी०एम०प्रसाद, अध्यक्ष, कोल इण्डिया लिमिटेड के संदेश का वाचन श्री जगन्नाथ प्रसाद, मुख्य प्रबंधक खनन, कुसमुण्डा क्षेत्र, श्री हरीश दुहन, क्ष-सह-प्रबंध निदेशक, एसईसीएल के संदेश का वाचन श्री सुजीत झा, मुख्य प्रबंधक उत्खनन, श्री बिरंजी दास, निदेशक (मा०सं०) एसईसीएल के संदेश का वाचन श्री राधेश्याम चौहान, सहायक प्रबंधक एवं श्री सचिन टी पाटिल, क्षेत्रीय महाप्रबंधक कुसमुण्डा क्षेत्र के संदेश का वाचन श्रध्दा देवरा, एसईसीएल, कुसमुण्डा क्षेत्र द्वारा किया गया।
श्री सचिन टी पाटिल, क्षेत्रीय महाप्रबंधक, कुसमुण्डा क्षेत्र द्वारा अपने उद्बोधन में एसईसीएल, कुसमुण्डा क्षेत्र में सभी काम काज हिंन्दी में किये जाने का आहवान किया तथा दिनॉक 16/09/2025 से दिनाँक 28/09/2025 तक होने वाले विभिन्न हिन्दी प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लेने हेतु सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अनुरोध किया गया एवं हिन्दी के प्रचार-प्रसार में अपना योगदान देने का भी आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन श्री प्रमोद कुमार सिंह, प्रबंधक मा०सं०, कुसमुण्डा क्षेत्र एवं आभार ज्ञापन श्री वीरेन्द्र कुमार, स्टाफ अधिकारी (मा०सं०) कुसमुण्डा क्षेत्र द्वारा किया गया।
इस अवसर पर श्री अरविंद कुमार राय, महाप्रबंधक संचालन, श्री नन्दी, महाप्रबंधक वि/याँ, श्री जगन्नाथ, मुख्य प्रबंधक खनन, श्री राधेश्याम चौहान सहायक प्रबंधक मा०सं० सहित बड़ी संख्या अधिकारी, कर्मचारी सहित महिला कर्मचारी उपस्थित थीं।



