Digital Fraud of Rs 45 lakh : वित्त मंत्री और सचिन तेंदुलकर के नाम पर ठगी, बुजुर्ग से लाखों की लूट
छापेमारी में खुला खेल: कैसे चल रहा था नेटवर्क
टीम ने अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दी। गोदाम, छोटे शेड, और कुछ रिहायशी इलाके—हर जगह जांच। कई जगहों पर सिलेंडर खुले में रखे मिले। सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं। अधिकारियों के मुताबिक, यहां अवैध रिफिलिंग चल रही थी। घरेलू गैस को कमर्शियल में बदला जा रहा था। फिर ऊंचे दाम पर बेच दिया जाता। सीधा मुनाफा। सीधा जोखिम। एक अधिकारी ने बताया—”400 के आसपास सिलेंडर जब्त हुए हैं। कार्रवाई जारी है।” संख्या बढ़ सकती है। जांच अभी खुली है।
ग्राउंड सीन: दबिश, अफरा-तफरी और सीलिंग
रेड के दौरान माहौल गर्म था। टीम पहुंची तो कुछ जगहों पर हड़बड़ी दिखी। शटर गिराने की कोशिश। सिलेंडर छुपाने की कोशिश। लेकिन देर हो चुकी थी। आप वहां होते तो देखते—ट्रकों में भरे सिलेंडर, अधिकारी गिनती करते हुए, और आसपास खड़े लोग जो बस देखते रह गए।
- अवैध स्टोरेज पॉइंट सील किए गए
- रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं
- सप्लाई चेन की जांच जारी

