कोरबा। कोरबा जिले के गेवरा परियोजना में ग्रामीणों के प्रदर्शन के चलते कोयला उत्पादन और परिवहन कार्य करीब 2 घंटे तक पूरी तरह ठप रहा। इस दौरान कंपनी को लगभग 80 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है।
जानकारी के अनुसार, 22 जून 2026 को सुबह करीब 10:40 बजे टीआरएस मांगांव, भतुरा और नराई बोध पैच में काम कर रही कंपनी की गतिविधियों को 40-45 ग्रामीणों के समूह ने रोक दिया। इस समूह का नेतृत्व गायत्री कंवर और गोवर्धन सिंह कंवर कर रहे थे, जो मधवा धोड़ा (बाकी मोगरा) क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं।
घटना के समय साइट पर 12 एक्स्कावेटर, 5 सरफेस माइनर और करीब 150 टिपर कोयला और ओबी (ओवरबर्डन) उत्पादन में लगे हुए थे। ग्रामीणों ने रोजगार से जुड़ी मांगों को लेकर कार्य बंद करा दिया।
कंपनी के लायजनिंग टीम और साइट स्टाफ द्वारा ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की गई, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। इसके बाद South Eastern Coalfields Limited के अधिकारी, सीआईएसएफ और सुरक्षा टीम मौके पर पहुंचे। वहीं हरदी बाजार थाना पुलिस भी स्थिति को नियंत्रित करने पहुंची, लेकिन ग्रामीणों ने किसी की बात नहीं मानी।
प्रदर्शन के कारण सुबह 10:40 बजे से दोपहर 12:40 बजे तक काम पूरी तरह बाधित रहा, जिससे उत्पादन और परिवहन दोनों प्रभावित हुए। कंपनी के अनुसार, इस दौरान लगभग 80 लाख रुपये के कोयला उत्पादन का नुकसान हुआ है।
कंपनी ने इस घटना को अपने नियंत्रण से बाहर की स्थिति बताते हुए प्रबंधन से मांग की है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में उत्पादन कार्य बाधित न हो और कार्य सुचारू रूप से जारी रह सके।

