तेल बाजार में उबाल, हर मिनट बदल रहा खेल
यह स्तर पिछले करीब 4 साल में सबसे ऊंचा बताया जा रहा है। जून 2022 के बाद पहली बार कीमतें इस रेंज में पहुंची हैं। सप्लाई पर खतरा मंडरा रहा है। जहाजों की आवाजाही पर नजर। निवेशक सतर्क। कोई बड़ा फैसला—और कीमतें फिर छलांग लगा सकती हैं। एक ट्रेडर ने कहा, “स्क्रीन पर हर मूवमेंट दिल की धड़कन बढ़ा रहा है…ऐसा वोलैटिल मार्केट कम ही दिखता है।”
140 डॉलर की चर्चा क्यों तेज?
ईरान की ओर से आया बयान चर्चा में है। संकेत साफ—अगर तनाव और बढ़ा, तो कीमत $140 प्रति बैरल तक जा सकती है। यह सिर्फ आंकड़ा नहीं। इसका सीधा असर जेब पर पड़ेगा। पेट्रोल-डीजल महंगा। ट्रांसपोर्ट महंगा। फिर हर चीज की कीमत ऊपर।

