CG Lok Seva Guarantee Act : रायपुर। छत्तीसगढ़ के शहरी नागरिकों को अब नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों के कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से काफी हद तक राहत मिलने वाली है। राज्य सरकार ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की 24 महत्वपूर्ण सेवाओं को छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे में शामिल कर दिया है। इस संबंध में राजपत्र अधिसूचना जारी कर दी गई है, जिसके बाद इन सेवाओं के लिए निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करना अनिवार्य होगा।
सरकार के इस फैसले का उद्देश्य नागरिकों को समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद शहरी निकायों द्वारा प्रदान की जाने वाली विभिन्न सेवाओं के लिए तय समय सीमा में आवेदन का निराकरण करना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी। यदि किसी कारणवश निर्धारित अवधि में सेवा उपलब्ध नहीं कराई जाती है, तो संबंधित अधिकारी जवाबदेह होंगे।
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नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत शामिल सेवाओं में जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र, भवन अनुज्ञा, जल कनेक्शन, संपत्ति कर से संबंधित प्रक्रियाएं, व्यापार लाइसेंस, नामांतरण तथा अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़ी सेवाएं शामिल हैं। इससे आम लोगों को सरकारी प्रक्रियाओं में होने वाली देरी से राहत मिलेगी।
नई व्यवस्था के तहत यदि किसी नागरिक को निर्धारित समय सीमा में सेवा नहीं मिलती है, तो वह प्रथम और द्वितीय अपील का अधिकार भी इस्तेमाल कर सकेगा। इसके माध्यम से नागरिक अपनी शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंचा सकेंगे और समयबद्ध समाधान प्राप्त कर सकेंगे।
राज्य सरकार का मानना है कि इस कदम से शहरी प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ेगी, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और लोगों का सरकारी व्यवस्था पर भरोसा मजबूत होगा। साथ ही ऑनलाइन और डिजिटल सेवाओं को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे नागरिकों को घर बैठे कई सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे में अधिक सेवाओं को शामिल करने से प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ेगी और सरकारी कार्यों में अनावश्यक विलंब की समस्या कम होगी। इससे प्रदेश के लाखों शहरी नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा।

