CG Electricity Bill रायपुर।छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ा बदलाव होने जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड जिले में स्मार्ट मीटरिंग को तेज़ी से लागू कर रही है। अब तक लगभग 65 प्रतिशत बिजली कनेक्शनों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जबकि करीब 35 प्रतिशत कनेक्शन अभी शेष हैं। सूत्रों के अनुसार कंपनी अप्रैल माह से स्मार्ट मीटर वाले सभी कनेक्शनों को प्री-पेड प्रणाली में बदलने की तैयारी कर रही है।
नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ताओं को अपनी औसत खपत के आधार पर पहले ही राशि जमा करनी होगी। यानी अब पोस्ट-पेड की तरह बाद में बिल भरने की सुविधा खत्म हो जाएगी।
5 हजार से ज्यादा बकाया पर तुरंत कटेगा कनेक्शन
फिलहाल जिन उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लग चुके हैं, यदि उनका बकाया 5 हजार रुपये से अधिक हो जाता है तो एक क्लिक में बिजली कनेक्शन काटा जा रहा है। प्री-पेड सिस्टम लागू होने के बाद बकाया बनने की स्थिति ही नहीं रहेगी, क्योंकि बिना रिचार्ज बिजली उपलब्ध नहीं होगी।
हालांकि आपात स्थिति को देखते हुए स्मार्ट मीटर में पुश बटन सुविधा दी गई है। इसके तहत उपभोक्ता एक बार बटन दबाकर पांच दिनों के लिए अस्थायी रूप से बिजली बहाल कर सकते हैं, जिसे भुगतान के बाद रीसेट कर दिया जाएगा।
स्मार्ट मीटर से इनकार करने वालों को नोटिस
स्मार्ट मीटर लगवाने से मना करने वाले उपभोक्ताओं को कंपनी की ओर से नोटिस जारी किए जा रहे हैं। उन्हें सप्ताह भर की मोहलत दी जा रही है, इसके बाद सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
सरकारी विभागों पर भी सख्ती
जानकारी के मुताबिक नगर निगम, कलेक्टोरेट, अस्पताल, जनपद व जिला पंचायत सहित कई सरकारी विभागों पर करोड़ों रुपये का बिजली बकाया है। कंपनी अब इन पर भी सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है।
जिले में 3 लाख से अधिक बिजली कनेक्शन
राजनांदगांव डिवीजन में 1.24 लाख कनेक्शनों में से 81 हजार से अधिक में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। वहीं डोंगरगांव में 40 हजार में से 34 हजार और डोंगरगढ़ में 67 हजार में से 44 हजार मीटर बदले जा चुके हैं। पूरे जिले में कुल 3.03 लाख बिजली कनेक्शन हैं, जिनमें 52 हजार से अधिक कृषक उपभोक्ता शामिल हैं।
राजनांदगांव डिवीजन के कार्यपालन अभियंता कौशलेंद्र पांडेय ने बताया कि अप्रैल से प्री-पेड व्यवस्था लागू करने को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक आदेश नहीं आया है, लेकिन भविष्य में यह व्यवस्था लागू होना तय है। जिले में 70 प्रतिशत से अधिक कनेक्शनों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।

