विगत कई दिनों से एसईसीएल कुसमुण्डा क्षेत्र में संयुक्त ट्रेड यूनियन के बैनर तले हड़ताल का आव्हान किया गया, पूरे जोर-शोर ये मजदूरों के बीच प्रचार-प्रसार किया जा रहा था, जिससे प्रबंधन दबाव में आकर हड़ताल के दिये गये सभी बिंदुओं पर सहमति जताया एवं प्रस्तावित हड़ताल को टालने पर संयुक्त श्रमसंघ की सहमति भी बनी।
ज्ञात हो कि पूर्व में बीएमएस (बीकेकेएमएस) श्रम संघ ने सभी बिंदुओं पर सहमति तो जताया, परंतु अचानक बिना किसी ठोस तथ्य के अन्य चार श्रम संगठन (एटक, एचएमएस, इंटक एवं सीटू) से किनारा कर लिया।
यही नही मजदूरों को हड़ताल के उन सभी सहमत 06 बिंदुओं में से केवल आवास आबंटन संबंधी मुद्दों को हाईलाईट करके भ्रमित किया गया, उसे रास्ता निषेध के साथ जोड़कर हड़ताल से अलग रास्ता अपनाकर न केवल मजदूरों को, श्रमसंघ को बल्कि प्रबंधन के सहमति पर भी सवाल उठाते हुये कोयला मजदूरों के साथ धोखा किया ।
पूरे एसईसीएल कुसमुण्डा क्षेत्र में यह चर्चा का विषय है कि जो श्रम संगठन आवास आबंटन वरीयता के आधार पर करने की बात कर रहा है, वह स्वयं एवं उसके अग्रिम पंक्ति के नेता नियमों को ताक पर रखकर अपने स्वयं के लिये बिना पात्रता एवं वरीयता के ही बी टाईप आंवास आबंटन करवाया, उस वक्त श्रमिको की याद इन नेताओं को नही आई, आज वही नेता मजदूरों को वरीयता के आधार पर आवास आबंटन करने को कह रहे हैं।
पूरे क्षेत्र को ये जानकारी है कि कुसमुण्डा क्षेत्र में नये कर्मचारी बहुत संख्या में ज्वाइनिंग किये हैं, परंतु आज स्थिति यह है कि वे रोड में आ गये हैं, किराये का मकान भी नसीब नही है, जबकि उन्ही जनरल मजदूर केटेगरी-01 को आवास नही देने की बात बीएमएस संगठन कर रहा है, जिससे साबित होता है कि वे नये पदस्थ कर्मचारियों के बारे में क्या सोंच रखता है।
ऐसा नही है कि चारो श्रम संघ वरीयता का विरोध कर रहा है, पूर्व में प्रबंधन और आवास आबंटन समिति के बीच आवास आबंटन पर कुछ नियम तय किये गये थे, जिसमें बीएमएस श्रम संघ के प्रतिनिधि उपस्थित थे, कुछ बातें शेष रह गई थी, उस पर आगे चर्चा होना था जो नही हो सका, और लंबे समय से लंबित रह गया था, जिस पर प्रबंधन द्वारा दिनांक 05.08.2025 को एरिया जेसीसी एवं आवास आबंटन समिति का संयुक्त बैठक बुलाया गया, उक्त बैठक मे भी बीएमएस श्रम संघ के जेसीसी उपस्थित थे, प्रबंधन के साथ सकरात्मक समझौता हुआ, समझौते के उपरांत उस पर अमल नही करने पर आवास आबंटन समिति द्वारा प्रबंधन को पत्र लिखा गया, प्रबंधन की ओर से उस पर कोई पहल नहीं करने पर उक्त लंबित बिंदु को बीएमएस श्रम संगठन ने ही संयुक्त फोरम में उठाने की बात कही थी, और वही लंबित बिंदु जेसीसी में उठाया गया, कि पूर्व प्रकरण का निराकरण किया जाये। पूरे कुसमुण्डा क्षेत्र में मजदूरों को इस बात पर बड़ा आश्चर्य हुआ कि 27.10.2025 को प्रबंधन एवं संयुक्त श्रम संघ के बैठक में सहमति बनने के बाद आखिर बीएमएस अलग क्यों हुआ, जबकि बकायदा मीटिंग के कार्यवृत्त में उनके स्वयं की सहमति है।
इस तरह से संयुक्त श्रम संगठन एवं मजदूरों को दिगभ्रमित किया जाना एसईसीएल कुसमुण्डा क्षेत्र के लिये सभी श्रम संघ के लिये चिंता का विषय है एवं भविष्य में मजदूर हित की लड़ाई को कमजोर करने वाला है।
उपरोक्त बातों की जानकारी संयुक्त श्रम संघ एटक से अजीत कुमार सिंह, बृजलाल पनिका एचएमएस से अशोक कुमार साहू, सुरजीत सिंह (हैप्पी) इंटक से राजू लाल सोनी, एन०के० सिंह सीटू से सजी टी जॉन एवं समार सिंह द्वारा दिया गया।
सभी संयुक्त श्रम संघ के प्रतिनिधियों द्वारा मजदूर हित में प्रेस विज्ञप्ति जारी किया गया।

