bharatmala scam रायपुर, 8 अक्टूबर 2025| छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित भारतमाला परियोजना भू-अर्जन मुआवजा घोटाले की जांच अब और गहराने जा रही है। राज्य सरकार द्वारा इस मामले की प्राथमिक जांच रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपे जाने के बाद, अब इस घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) या केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की एंट्री तय मानी जा रही है।
NTPC Workers : ₹ 54.87 लाख के विवाद में पुलिस प्रताड़ना का आरोप, NTPC कर्मचारी ने उठाया आत्मघाती कदम
भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर से विशाखापट्नम तक के इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान भारी भ्रष्टाचार की बात सामने आई थी। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की संयुक्त जांच में कई राजस्व अधिकारियों को इस घोटाले में दोषी पाया गया है।
चोरी के बाद जंगल में पैसे और सोना छिपाने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार, ग्रामीणों ने पकड़े जाने पर पीटा
अब केंद्र की नजरें टिकीं
राज्य सरकार की रिपोर्ट केंद्र को भेजे जाने के बाद संभावना है कि अब ED या CBI इस घोटाले की स्वतंत्र जांच अपने हाथ में ले सकती है। सूत्रों के अनुसार, वित्तीय लेन-देन की गहराई और बहुस्तरीय मिलीभगत को देखते हुए मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से जांच की आवश्यकता बताई गई है।

