- बड़ा अवरोध: मालदा के मानिकचक में मतदाता सूची (SIR) के विरोध में पिछले 24 घंटे से यातायात ठप है।
- हाई-प्रोफाइल घेराव: प्रदर्शनकारियों पर इलाके से गुजर रहे 7 जजों की गाड़ियों को रोकने और उनका घेराव करने का गंभीर आरोप लगा है।
- विवाद की जड़: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान बड़ी संख्या में नाम काटे जाने से मुस्लिम समुदाय में गुस्सा है।
Bengal Assembly Election Latest News , मानिकचक (मालदा) — पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की पिच तैयार होने से पहले ही मालदा में बवाल शुरू हो गया है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उपजा विवाद अब सड़कों पर ‘फुल-कोर्ट प्रेस’ की शक्ल ले चुका है। पिछले 24 घंटों से मानिकचक इलाके में प्रदर्शनकारियों ने चक्काजाम कर रखा है। स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर सात जजों के काफिले को घेर लिया, जिससे प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं।
मैदान पर तनाव: नाम कटने से भड़का गुस्सा
मतदाता सूची में हुए बदलावों ने स्थानीय राजनीति का स्कोरकार्ड बिगाड़ दिया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि SIR की आड़ में एक खास समुदाय के वोटर्स को टारगेट किया गया है।
- SIR का स्कोर: मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के बाद कई इलाकों में मतदाताओं की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
- जजों का घेराव: न्यायिक अधिकारियों का एक दल जब मानिकचक से गुजर रहा था, तभी भीड़ ने उनकी गाड़ियों को ‘ब्लॉक’ कर दिया। 24 घंटे बाद भी इलाके में आवाजाही बहाल नहीं हो पाई है।
- प्रशासनिक रिस्पॉन्स: पुलिस और जिला प्रशासन प्रदर्शनकारियों के साथ ‘नेगोशिएशन’ की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है।
मालदा का यह इलाका चुनावी लिहाज से बेहद संवेदनशील है। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनके नाम दोबारा सूची में नहीं जोड़े जाते, उनकी ‘फील्डिंग’ सड़क पर जारी रहेगी।
“SIR के नाम पर लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ हो रहा है। हमारे हजारों लोगों के नाम लिस्ट से बाहर कर दिए गए हैं। यह सीधे तौर पर चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश है। जब तक इंसाफ नहीं मिलता, हम पीछे नहीं हटेंगे।”
— स्थानीय प्रदर्शनकारी नेता, मानिकचक

