कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा वनमंडल के करतला वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम सजापानी के जंगल में एक मादा हाथी ने नन्हे शावक को जन्म दिया है। वन विभाग को इसकी जानकारी सुबह करीब 6 बजे गश्त और हाथी ड्यूटी के दौरान मिली। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई और नवजात शावक सहित हाथियों के पूरे झुंड की सुरक्षा के लिए निगरानी शुरू कर दी गई। हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरे की मदद ली जा रही है। वहीं, आसपास के गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने और जंगल की ओर नहीं जाने की सलाह दी जा रही है।
ड्रोन कैमरे से रखी जा रही हाथियों के झुंड पर नजर
ग्राम सजापानी के जंगल में मादा हाथी द्वारा शावक को जन्म दिए जाने के बाद वन विभाग ने क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है। नवजात शावक की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हाथियों के झुंड की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
वन विभाग का मैदानी अमला मौके पर मौजूद है। हाथियों की आवाजाही और उनके संभावित मार्गों की जानकारी जुटाने के लिए ड्रोन कैमरे का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। विभाग की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि नवजात शावक और झुंड को किसी तरह की परेशानी न हो तथा मानव-हाथी संघर्ष की स्थिति उत्पन्न न हो।
ग्रामीणों को जंगल नहीं जाने की सलाह
जंगल में हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने आसपास के गांवों के लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। प्रभावित क्षेत्रों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को जंगल की ओर नहीं जाने और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की समझाइश दी जा रही है।
विशेष रूप से जलाऊ लकड़ी, पत्ते और लघु वनोपज इकट्ठा करने के लिए जंगल जाने वाले लोगों को सतर्क रहने कहा गया है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे वन विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें और हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।
हाथियों को भगाने या उनके पास भीड़ लगाने से बचें
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि हाथियों का झुंड दिखाई देने पर उन्हें भगाने, परेशान करने या उनके आसपास भीड़ लगाने की कोशिश न करें। ऐसा करना हाथियों को आक्रामक बना सकता है और लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकता है।
ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि हाथियों को देखने पर सुरक्षित दूरी बनाए रखें और तत्काल वन विभाग को सूचना दें। रात के समय भी विशेष सतर्कता बरतने तथा हाथियों की संभावित आवाजाही वाले रास्तों, खेतों और जंगल से जुड़े मार्गों पर अनावश्यक आवागमन से बचने की अपील की गई है।

