कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) के निदेशक (मानव संसाधन) डॉ. विनय रंजन ने आज सायंकाल बिलासपुर स्थित इंदिरा विहार कॉलोनी के बिलासपुर भवन में एसईसीएल (SECL) संचालन समिति के प्रतिनिधियों के साथ नव लागू श्रम संहिताओं (Four Labour Codes) पर विस्तृत संवाद किया।
बैठक में एसईसीएल प्रबंधन की ओर से अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन, निदेशक (तकनीकी/संचालन) एन. फ्रैंकलिन जयकुमार, निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) डी. सुनील कुमार तथा मानव संसाधन निदेशालय के सभी विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।
वहीं संचालन समिति की ओर से सुजीत सिंह (BMS), नाथूलाल पांडेय (HMS), अजय विश्वकर्मा (AITUC), गोपाल नारायण सिंह (SEKMC), वी. एम. मनोहर (CITU) तथा अनिल कुमार पांडेय (CMOAI) शामिल हुए।
डॉ. रंजन ने अपने संवाद में चारों श्रम संहिताओं के प्रमुख प्रावधानों को सरल शब्दों में समझाते हुए बताया कि नई संहिताएँ श्रमिक हितों की सुरक्षा, प्रक्रियाओं के सरलीकरण तथा पारदर्शी और एकीकृत अनुपालन ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।
उन्होंने कहा कि इन संहिताओं के माध्यम से कार्यस्थल पर सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा, औद्योगिक संबंधों और वेतन संरचना से जुड़े प्रावधानों को अधिक प्रभावी, स्पष्ट और श्रमिक-अनुकूल बनाया गया है।
उन्होंने देश की ऊर्जा सुरक्षा में कोल इंडिया की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कंपनी भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए व्यवसाय विविधीकरण, नई तकनीकों के समावेश, नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश और सतत खनन प्रथाओं को बढ़ावा दे रही है, जिससे आने वाले समय में ऊर्जा आपूर्ति और पर्यावरणीय दायित्वों के बीच बेहतर संतुलन सुनिश्चित किया जा सके।
डॉ. रंजन ने इस अवसर पर यह भी कहा कि कोल इंडिया का मानव संसाधन तंत्र पूर्णतः जन-केंद्रित है, जिसमें श्रमिक कल्याण, क्षमता निर्माण, शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने और पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया जाता है।

