रायपुर। प्रदेश में रेत के अवैध उत्खनन का मामला मंगलवार को विधानसभा में जोरशोर से उठा। शून्य काल में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि छत्तीसगढ़ में अवैध रेत खनन पुलिस और माइनिंग विभाग की देखरेख में बेधड़क चल रहा है। खदानों में फायरिंग हो रही है और जिंदा लोगों पर ट्रक चढ़ा दिए जा रहे हैं। उन्होंने इस गंभीर विषय पर स्वीकृत चर्चा कराने की मांग की।
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विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने इस मुद्दे पर चर्चा की ग्राह्यता अस्वीकार कर दी। इससे नाराज विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन कर दिया।
इससे पहले कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने कहा कि माइनिंग विभाग के अधिकारियों से जब अवैध रेत उत्खनन पर सवाल पूछा जाता है तो वे यह कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं कि ऊपर से आदेश है कि कार्रवाई नहीं करनी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पत्राचार के बावजूद रेत माफियाओं पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। रायगढ़ जिले की मांड नदी के किनारे पूरी तरह से माफियाओं के कब्जे में हैं और अवैध उत्खनन लगातार जारी है। पटेल ने कहा कि यह विषय प्रदेश की नदियों और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बन चुका है, इसलिए इस पर चर्चा बेहद जरूरी है।

