कुसमुंडा – यह बात तो आम है कि ग्रीष्म काल आते ही ग्रामीण अंचलों से लेकर शहरी क्षेत्र तक पानी के लिए लोगों को कई प्रकार की परेशानियों से जूझना पड़ता है।लेकिन हम बात करे कुसमुंडा क्षेत्र की तो यहां आवासीय कालोनियों में निवासरत लोगों को गर्मी के पहले भी आए दिन पानी के लिए नगर प्रशाशन कार्यालय और पानी व्यवस्था में लगे कर्मचारी के सामने मिन्नत करना पड़ता है कि जल आपूर्ति की ड्यूटी सही तरीके से करे जिससे सभी को समस्या से निजात मिल सके।और अब तो गर्मी शबाब पर है और ऐसी लाचार व्यवस्था के चलते कर्मचारी हल।कान और परेशान है।जब ऐसे समय पर संबंधित विभाग के आला अधिकारियों से संपर्क किया जाता है तो उनका कहना है कि जहां एक ओर पानी व्यवस्था में कर्मचारियों की कमी से जूझना पड़ रहा है वहीं दूसरी ओर कुछ कामचोर वॉल ऑपरेटर अपनी ड्यूटी सही तरीके से नहीं करते है जिसके चलते बगैर किसी तकनीकी समस्या के विभाग की बदनामी होती है।यह मुद्दा बार बार श्रमिक संगठन के कल्याण समिति और क्षेत्रीय सलाहकार समिति द्वारा औद्योगिक संबंध बैठक में प्रबंधन के समक्ष रखी जाती है बावजूद इसके ऐसे कामचोर कर्मचारियों के खिलाफ किसी प्रकार की कार्यवाही होते नहीं दिखती है न ही संबंधित सुपरवाइजर ऐसे समस्या के प्रति अपनी संवेदनशीलता दिखाते नजर आते है जिसका नतीजा केवल आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।अब देखना यह है कि आने वाले समय में सिविल विभाग जल आपूर्ति को सुगम बनाने में सफल होगी या नहीं

