CG News : रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में चार करोड़ रुपये की कथित जबरन वसूली, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस मामले में शराब घोटाले के आरोपी अनवर ढेबर समेत छह लोगों के खिलाफ गंज थाना पुलिस ने FIR दर्ज की है। कारोबारी बलिराम धरमानी ने आरोप लगाया है कि जमीन के पुराने सौदे को आधार बनाकर उनसे चार करोड़ रुपये की मांग की जा रही थी। रकम देने से इनकार करने पर फाफाडीह स्थित होटल वेलिंटन में उनके साथ मारपीट की गई और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अनवर ढेबर समेत इन 6 लोगों पर FIR
कारोबारी की शिकायत पर जिन छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, उनमें शामिल हैं।
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अनवर ढेबर
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कुबेर राठी
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संदीप अग्रवाल
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आसिफ मेमन
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नागेंद्र पांडेय
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विवेक जोशी उर्फ मोंटी जोशी
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि इन सभी ने मिलकर उन पर चार करोड़ रुपये देने का दबाव बनाया। रकम देने से इनकार करने पर मारपीट और धमकी दी गई।
2018 के जमीन सौदे से शुरू हुआ विवाद
शिकायत के मुताबिक, कारोबारी बलिराम धरमानी ने वर्ष 2018 में बोरड परिवार की लाभांडी स्थित करीब 2.60 लाख वर्गफुट जमीन का सौदा किया था। इसमें लगभग 40 हजार वर्गफुट जमीन की रजिस्ट्री उनके नाम हुई थी, जबकि शेष जमीन के लिए एग्रीमेंट किया गया था।
परिवार में आपसी विवाद के कारण बाकी जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो सकी। कारोबारी का आरोप है कि वर्ष 2022 में संदीप अग्रवाल ने विवादित जमीन की रजिस्ट्री कराने के बदले चार करोड़ रुपये की मांग की थी।
बाद में धरमानी ने अपने नाम की 40 हजार वर्गफुट जमीन वापस बोरड परिवार को रजिस्ट्री कर दी। इसके एवज में उन्हें कुल 3.15 करोड़ रुपये वापस मिले। उनका कहना है कि अब जमीन के सौदे को लेकर कोई लेन-देन बाकी नहीं है। इसके बावजूद उनसे चार करोड़ रुपये मांगे जा रहे थे।
होटल वेलिंटन में कारोबारी से मारपीट का आरोप
शिकायत के अनुसार, 26 सितंबर को रहमानिया चौक स्थित कार्यालय में बैठक हुई थी। इसमें कुबेर राठी, संदीप अग्रवाल, नागेंद्र पांडेय और विवेक जोशी समेत अन्य लोग मौजूद थे। आरोप है कि यहां भी चार करोड़ रुपये देने का दबाव बनाया गया।
इसके अगले दिन यानी 27 सितंबर को फाफाडीह चौक स्थित होटल वेलिंटन में बैठक रखी गई। कारोबारी अपने परिचितों के साथ वहां पहुंचे थे। शिकायत के मुताबिक, होटल के फैमिली कैबिन में अनवर ढेबर, कुबेर राठी और अन्य आरोपी मौजूद थे।
जब कारोबारी ने चार करोड़ रुपये देने से इनकार किया और रकम मांगने का आधार पूछा, तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि अनवर ढेबर और कुबेर राठी ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। साथ ही उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई।
38 दिन बाद दर्ज हुई FIR, पुलिस की कार्रवाई पर सवाल
इस मामले में एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि कथित मारपीट की घटना 27 सितंबर को हुई थी, जबकि गंज थाना पुलिस ने 4 नवंबर को FIR दर्ज की। यानी घटना के करीब 38 दिन बाद मामला पंजीबद्ध किया गया।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(2), 351(3), 296, 115(2), 61(2) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया है। फिलहाल मामले की विवेचना जारी है।

