CG News : सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित सूरजपुर मां-बेटी हत्याकांड में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी कुलदीप साहू समेत तीन दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। वहीं, चौथे दोषी आर्यन विश्वकर्मा को मरते दम तक आजीवन कारावास की सजा दी गई है। अदालत ने मामले को गंभीर और अमानवीय अपराध मानते हुए यह फैसला सुनाया।
फैसला वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनाया गया। जेल अधीक्षक अक्षय सिंह राजपूत के मुताबिक, सजा की जानकारी मिलने के दौरान मुख्य आरोपी कुलदीप साहू डरा हुआ नजर आया। दूसरी ओर, फैसला आने के बाद पुलिस परिवारों ने दीप जलाकर और पटाखे फोड़कर खुशी जाहिर की।
कोर्ट ने अपराध को बताया अमानवीय और नृशंस
अदालत ने अपने फैसले में मां-बेटी के साथ हुए अपराध को अमानवीय, नृशंस और वीभत्स बताया। कोर्ट ने मुख्य आरोपी कुलदीप साहू के उस व्यवहार पर भी टिप्पणी की, जब वह पहले एक अन्य मामले में अदालत से बाहर निकलते समय मुस्कुराता हुआ दिखाई दिया था।
अदालत की टिप्पणी के मुताबिक, आरोपी के व्यवहार में पश्चाताप नजर नहीं आया। कोर्ट ने अपराध की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए दोषियों को कड़ी सजा सुनाई।
फांसी की सजा के बाद पुलिस परिवार ने मनाई दिवाली
फास्ट ट्रैक कोर्ट का फैसला आने के बाद पुलिस परिवारों में खुशी का माहौल देखने को मिला। पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों ने दीप जलाए और पटाखे फोड़कर खुशी जाहिर की। इस दौरान मां-बेटी के लिए न्याय मिलने को लेकर भावनाएं भी सामने आईं।
बेटी की तस्वीर के साथ पिता ने लिखा भावुक संदेश
फैसले के बाद पीड़ित पिता ने सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने लिखा कि लंबे दुख के दौर के बाद अंधेरे में न्याय की एक लौ ने जीवन को नया संदेश दिया है। अदालत के फैसले ने साबित किया है कि न्याय जिंदा है और ऐसे गंभीर अपराधों के लिए कानून में सजा का प्रावधान है।
पीड़ित पिता ने न्याय की लड़ाई में साथ देने वाले लोगों का आभार जताया। साथ ही उन्होंने कहा कि फैसले को उसके अंजाम तक पहुंचाने के लिए उन्हें अभी लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी है। उन्होंने मुश्किल समय में उनके खिलाफ षड्यंत्र और चालबाजी करने वालों का भी अपने संदेश में उल्लेख किया।
सजा सुनाए जाने के दौरान डरा हुआ दिखा कुलदीप साहू
जेल अधीक्षक अक्षय सिंह राजपूत के मुताबिक, अंबिकापुर केंद्रीय जेल में बंद कुलदीप साहू को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत के फैसले की जानकारी दी गई। सजा के ऐलान के दौरान वह डरा हुआ नजर आया।
इससे पहले एक अन्य मामले में 10 साल की सजा मिलने के बाद कुलदीप का अदालत से बाहर निकलते समय मुस्कुराने का वीडियो सामने आया था। हालांकि, मां-बेटी हत्याकांड में फांसी की सजा सुनाए जाने के दौरान उसका व्यवहार अलग दिखाई दिया।
दोषियों को रायपुर सेंट्रल जेल शिफ्ट करने की तैयारी
जानकारी के मुताबिक, सजा के बाद दोषियों को रायपुर सेंट्रल जेल शिफ्ट किया जाएगा। बताया गया है कि छत्तीसगढ़ में फांसी देने की व्यवस्था रायपुर जेल में है। दोषियों को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया से जुड़ी आधिकारिक जानकारी की पुष्टि संबंधित जेल प्रशासन से की जानी होगी।
13 अक्टूबर 2024 को हुई थी मां-बेटी की हत्या
यह मामला 13 अक्टूबर 2024 का है। सूरजपुर थाने में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक की पत्नी और उनकी 12 वर्षीय बेटी की हत्या कर दी गई थी। घटना से पहले महिला के साथ दुष्कर्म किए जाने की बात भी सामने आई थी। इसके बाद मां-बेटी के शव घर से करीब पांच किलोमीटर दूर फेंक दिए गए थे।
इस दोहरे हत्याकांड ने पूरे छत्तीसगढ़ में सनसनी फैला दी थी। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने चारों दोषियों को सजा सुनाई है।

