CG News : रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश और बाढ़ के कारण किसानों की फसलों को हुए नुकसान के बीच राहत की खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रभावित किसानों को भरोसा दिलाया है कि प्रदेश में फसल नुकसान का सर्वे कराया जाएगा। इसके बाद नुकसान का आकलन कर नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्वयं नुकसान का आकलन करने जा रही है, ताकि प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाई जा सके। बारिश और बाढ़ से खेतों में पानी भरने तथा फसलों के प्रभावित होने के बाद सरकार के इस आश्वासन से किसानों को मदद मिलने की उम्मीद है।
बाढ़ और बारिश से फसलों को हुआ नुकसान
छत्तीसगढ़ में पिछले दिनों लगातार बारिश के चलते कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित हुई। नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और खेतों में पानी भरने से किसानों की फसलों पर असर पड़ा है। कई इलाकों में धान सहित अन्य फसलों के प्रभावित होने की आशंका है। लगातार बारिश के कारण खेतों में जलभराव और फसलों के खराब होने से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
सिविल विभाग के द्वारा सप्लाई किए जा रहे पानी की बहुत खराब गुणवत्ता के संबंध में शिकायत
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिया भरोसा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किसानों को राहत देने की बात कहते हुए स्पष्ट किया कि बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में फसल नुकसान का सर्वे कराया जाएगा। उन्होंने कहा, “फसल नुकसान का सर्वे होगा। हम स्वयं आकलन करने जा रहे हैं। आकलन के बाद मुआवजा दिया जाएगा।” मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रभावित किसानों को शासन की ओर से आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
सर्वे के बाद तय होगी मुआवजे की राशि
सरकार की ओर से किए जाने वाले सर्वे में फसलों को हुए नुकसान का आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर प्रभावित किसानों और नुकसान की स्थिति का विवरण तैयार किया जाएगा। सर्वे पूरा होने के बाद निर्धारित नियमों के अनुसार मुआवजे की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। हालांकि, अभी सर्वे की तारीख, प्रभावित जिलों की सूची और मुआवजे की राशि को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
प्रभावित किसानों को मिलेगी आर्थिक राहत
लगातार बारिश और बाढ़ से फसलें प्रभावित होने के कारण किसानों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति बन सकती है। ऐसे में नुकसान का सर्वे और मुआवजे का आश्वासन किसानों के लिए महत्वपूर्ण है। समय पर सर्वे और सहायता मिलने से प्रभावित किसानों को आगामी कृषि कार्यों और खेती से जुड़े खर्चों में मदद मिल सकती है।

