कोरबा। जिले में गुरुवार देर रात दो अलग-अलग सड़क हादसों ने यातायात व्यवस्था और वाहन चालकों की लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए। उरगा थाना क्षेत्र में कथित तौर पर नशे की हालत में तेज रफ्तार कार ने सड़क पर बैठे चार गौवंश को टक्कर मार दी। हादसे में तीन गौवंश की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल है। वहीं कोरबा के बुधवारी बायपास में तेज रफ्तार कार और ई-रिक्शा की भिड़ंत में महिलाओं और बच्चे समेत कई लोग घायल हो गए।
नशे में तेज रफ्तार कार ने गौवंश को मारी टक्कर
पहली घटना गुरुवार देर रात उरगा थाना क्षेत्र के भैंसमा पावर जनरेट ऑफिस के सामने हुई। जानकारी के अनुसार, कार क्रमांक CG 12 AT 3731 (टाटा टियागो) का चालक कथित तौर पर नशे की हालत में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चला रहा था। इसी दौरान सड़क पर बैठे चार गौवंश कार की चपेट में आ गए।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीन गौवंश की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घटना को लेकर नाराजगी जताई।
सूचना पर पहुंची डायल 112 की टीम
घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। स्थिति को देखते हुए डायल 112 को सूचना दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराया। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेने के साथ मामले की जांच शुरू कर दी है।
बजरंग दल और गौसेवकों ने संभाला मोर्चा
हादसे की जानकारी मिलने के बाद बजरंग दल के सदस्य और गौसेवक भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने मृत गौवंश को सड़क से हटवाया, जबकि घायल गौवंश को उपचार के लिए भेजा गया। घायल गौवंश का इलाज गौसेवकों की देखरेख में कराया जा रहा है।
नशे में ड्राइविंग पर कड़ी कार्रवाई की मांग
बजरंग दल कोरबा ने घटना पर नाराजगी जताते हुए चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। संगठन का कहना है कि यदि जांच में चालक के नशे में होने की पुष्टि होती है, तो मामले को केवल सामान्य सड़क हादसे के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
संगठन ने चालक का ब्रेथ एनालाइजर और मेडिकल परीक्षण कराने तथा रिपोर्ट के आधार पर मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 (नशे में वाहन चलाना) और धारा 184 (तेज एवं खतरनाक ड्राइविंग) के तहत कार्रवाई की मांग की है।
कुछ दिन पहले 7 मवेशियों की हुई थी मौत
कोरबा जिले में मवेशियों के सड़क हादसों की यह पहली घटना नहीं है। कुछ दिन पहले दर्री थाना क्षेत्र में भारी वाहन की चपेट में आने से सात मवेशियों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे। घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने चक्काजाम कर प्रदर्शन भी किया था। लगातार हो रही घटनाओं के चलते सड़क पर घूमने वाले मवेशियों की सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
बुधवारी बायपास पर कार और ई-रिक्शा में भिड़ंत
दूसरी घटना कोरबा के बुधवारी बायपास की है। गुरुवार देर रात तेज रफ्तार कार और ई-रिक्शा के बीच जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में ई-रिक्शा सवार तीन-चार महिलाओं, एक बच्चे समेत कई लोग घायल हो गए। सभी घायलों को उपचार के लिए जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया।
टक्कर के बाद ई-रिक्शा पलट गया और उसमें सवार लोग सड़क पर गिर पड़े। हादसे में एक युवती के पैर में गंभीर चोट आने की जानकारी सामने आई है। अन्य घायलों का भी अस्पताल में इलाज जारी है।
नाबालिग चला रहा था ई-रिक्शा
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के समय दोनों वाहन तेज रफ्तार में थे। बताया जा रहा है कि ई-रिक्शा एक नाबालिग चला रहा था, जिसे इस मार्ग पर अक्सर वाहन चलाते देखा जाता है। पुलिस अब नाबालिग द्वारा वाहन चलाने सहित दुर्घटना के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
लाठी-डंडे लेकर पहुंचे 15-20 युवक
हादसे के बाद मौके पर तनाव की स्थिति भी बन गई। बताया गया कि ई-रिक्शा चालक के करीब 15 से 20 साथी लाठी-डंडे लेकर घटनास्थल पर पहुंच गए और हंगामा करने लगे। इससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
स्थिति बिगड़ने की सूचना पर सिविल लाइन थाना प्रभारी आस्था शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने हंगामा कर रहे युवकों से डंडे जब्त किए और उन्हें फटकार लगाकर भीड़ को मौके से हटाया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से स्थिति को और बिगड़ने से रोक लिया गया।
दोनों घटनाओं के बाद पुलिस द्वारा हादसों के कारणों और जिम्मेदार वाहन चालकों की भूमिका की जांच की जा रही है।

