CG High Court New Judges : बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में न्यायिक व्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में अहम खबर सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में तीन नए न्यायाधीशों की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इन नियुक्तियों के बाद हाईकोर्ट में न्यायिक कार्यों के संचालन को और गति मिलने की उम्मीद है। नए जजों की नियुक्ति को अदालत में लंबित मामलों के निपटारे और न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कॉलेजियम ने दी नियुक्ति प्रस्ताव को मंजूरी
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम देशभर की उच्च अदालतों में न्यायाधीशों की नियुक्ति और पदोन्नति से जुड़े प्रस्तावों पर विचार करता है। इसी प्रक्रिया के तहत छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से संबंधित तीन न्यायिक नियुक्तियों के प्रस्ताव पर विचार किया गया। कॉलेजियम की मंजूरी के बाद अब नियुक्ति की आगे की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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हाईकोर्ट में बढ़ेगी न्यायिक क्षमता
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में बड़ी संख्या में मामले सुनवाई के लिए लंबित रहते हैं। ऐसे में नए न्यायाधीशों की नियुक्ति से अदालत की कार्यक्षमता बढ़ने की उम्मीद है। नई पीठों के गठन और मामलों की सुनवाई में तेजी आने से पक्षकारों को भी राहत मिल सकती है। खासकर लंबे समय से लंबित मामलों की सुनवाई में गति आने की संभावना जताई जा रही है।
न्यायिक प्रक्रिया को मिलेगा नया बल
हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की पर्याप्त संख्या होना न्यायिक प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इससे अलग-अलग मामलों की सुनवाई के लिए पीठों का बेहतर गठन किया जा सकता है। नए जजों की नियुक्ति से संवैधानिक, आपराधिक, सिविल और अन्य महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
नियुक्ति की औपचारिक प्रक्रिया बाकी
कॉलेजियम की मंजूरी के बाद न्यायाधीशों की नियुक्ति की प्रक्रिया में केंद्र सरकार और राष्ट्रपति स्तर की संवैधानिक औपचारिकताएं पूरी की जाती हैं। इसके बाद नियुक्त न्यायाधीश शपथ लेकर पदभार ग्रहण करते हैं। इसलिए कॉलेजियम की मंजूरी को नियुक्ति प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।
वकीलों और पक्षकारों को उम्मीद
तीन नए न्यायाधीशों की नियुक्ति की खबर से न्यायिक क्षेत्र से जुड़े लोगों में भी सकारात्मक प्रतिक्रिया है। अधिवक्ताओं और पक्षकारों को उम्मीद है कि इससे मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी और लंबित प्रकरणों के निपटारे में मदद मिलेगी। हाईकोर्ट की न्यायिक क्षमता बढ़ने से प्रदेश की न्याय व्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

