Chhattisgarh News : रायपुर। राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित होटल बेबीलॉन इंटरनेशनल में ‘नवीन आपराधिक कानूनों के माध्यम से डिजिटल न्याय व्यवस्था को सशक्त बनाना’ विषय पर राज्यस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में गृह विभाग, न्यायपालिका, अभियोजन, फॉरेंसिक विभाग और राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में डिजिटल तकनीक सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। राज्य में क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने के उद्देश्य से यह कार्यशाला आयोजित की गई है।
पूरे क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम को एक मंच पर लाने की तैयारी
गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य पूरे क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एकीकृत करना है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में पहले से CCTNS, ई-साक्ष्य और न्याय श्रुति जैसी डिजिटल व्यवस्थाएं संचालित हैं।
अब इन सभी प्रणालियों को आपस में जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है, ताकि पुलिस, अभियोजन, फॉरेंसिक और न्यायपालिका के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान और समन्वय बेहतर हो सके।
उन्होंने कहा कि डिजिटल सिस्टम के एकीकरण से न्याय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनेगी। इससे आपराधिक मामलों की जांच से लेकर अदालत में सुनवाई तक की प्रक्रिया को नई गति मिलने की उम्मीद है।
पहली बार एक मंच पर गृह विभाग और न्यायपालिका
गृह मंत्री ने कहा कि इस कार्यशाला की एक खास बात यह रही कि गृह विभाग और न्यायपालिका के अधिकारी पहली बार इस तरह एक ही मंच पर मौजूद रहे।
कार्यशाला में उच्च न्यायालय के न्यायमूर्तियों के साथ अभियोजन विभाग के अधिकारी, फॉरेंसिक विशेषज्ञ और NCRB की टीम ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल से नए आपराधिक कानूनों को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी।
नए कानूनों में डिजिटल व्यवस्था पर जोर
विजय शर्मा ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों के तहत न्यायिक प्रक्रिया में तकनीक के इस्तेमाल को विशेष महत्व दिया गया है। पारंपरिक कागजी प्रक्रिया को धीरे-धीरे डिजिटल व्यवस्था में बदला जा रहा है।
उन्होंने बताया कि अब ई-चालान, ई-फॉरेंसिक और ई-चार्जशीट जैसी व्यवस्थाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। फॉरेंसिक रिपोर्ट ई-फॉरेंसिक सिस्टम के माध्यम से उपलब्ध कराने और अदालतों में ई-चार्जशीट पेश करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
वहीं न्याय श्रुति प्रणाली के जरिए डिजिटल माध्यम से सुनवाई की प्रक्रिया को भी अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
स्मार्ट मीटर के मुद्दे पर कांग्रेस पर निशाना
कार्यक्रम के बाद मीडिया से चर्चा के दौरान गृह मंत्री विजय शर्मा ने स्मार्ट मीटर को लेकर कांग्रेस के घर-घर अभियान पर भी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कांग्रेस से सवाल करते हुए कहा कि पार्टी को पहले यह बताना चाहिए कि स्मार्ट मीटर लगाने का अनुबंध किस सरकार के कार्यकाल में हुआ था।
विजय शर्मा ने कहा कि पूर्व में हुए अनुबंध के बावजूद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को जनता के बीच जाने से पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि स्मार्ट मीटर लगाने का समझौता आखिर किस सरकार के कार्यकाल में किया गया था।
डिजिटल सिस्टम से न्याय प्रक्रिया में आएगा बदलाव
राज्य सरकार की इस पहल का उद्देश्य पुलिस जांच, अभियोजन, फॉरेंसिक और न्यायपालिका के बीच डिजिटल कनेक्टिविटी मजबूत करना है। यदि सभी प्रणालियां एक-दूसरे से प्रभावी ढंग से जुड़ती हैं, तो मामलों की निगरानी, साक्ष्यों के आदान-प्रदान और न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।
कार्यशाला में अधिकारियों ने नए आपराधिक कानूनों के अनुरूप डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल, आपसी समन्वय और प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विचार-विमर्श किया।

